वह कद-काठी से किसी तेज गेंदबाज की तरह दिखते हैं , लेकिन वह एक स्पिन गेंदबाज है। एक दिग्गज स्पिनर, जिनकी गेंदें ज्यादा टर्न नहीं लेंती, फिर भी उनकी गेंदें विश्व के तमाम बड़े बल्लेबाजों के लिए खतरे का संकेत होती हैं। जी हाँ, यहाँ भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान अनिल कुंबले की बात हो रही है।
कुंबले के जीवन की यही विविधताएँ उन्हें दूसरों से अलग बनाती हैं। इस दिग्गज गेंदबाज ने 600वाँ विकेट लेने की उपलब्धि भी 17 जनवरी 2008 को उस पिच पर हासिल की, जिसे विश्व में तेज गेंदबाजों की सबसे मददगार सतहों में गिना जाता है।
क्रिकेट में कुंबले का इस उपलब्धि तक का सफर उतार-चढाव भरा रहा है। कुंबले को 1996 में 'विज्डन क्रिकेटर ऑफ द ईयर' भी चुना गया। कुंबले ने भारत को जितने टेस्ट जिताए हैं, उतने अन्य किसी भी गेंदबाज ने नहीं जिताए। क्रिकेट के मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह कुंबले को एक व्यावहारिक व्यक्ति के रूप में पहचाना जाता है।
पूरी पाकिस्तान टीम को पैवेलियन लौटाया किसी पारी में पाँच विकेट चटकाना एक गेंदबाज के लिए शतक लगाने जैसा समझा जाता है, लेकिन कुंबले ने एक पारी में पूरे 10 विकेट चटकाने का ऐतिहासिक कारनामा किया है। ऐसा करने वाले वे टेस्ट इतिहास के दूसरे गेंदबाज हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ फिरोजशाह कोटला में 4 फरवरी 1999 से शुरू हुए दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में कुंबले ने यह उपलब्धि हासिल की। पहली पारी में भारत ने 252 रन बनाए, जिसके जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी 172 रनों पर सिमटी।
दूसरी पारी में भारत ने 339 रन बनाते हुए पाकिस्तान को जीत के लिए 420 रनों का लक्ष्य दिया। इसके बाद कुंबले की गेंदों का जादू ऐसा चला कि एक के बाद एक पाकिस्तानी बल्लेबाज उलझते चले गए। केवल चार बल्लेबाज ही दहाई के आँकड़े को छू सके। भारत ने यह मैच 122 रनों से जीता। दूसरी पारी में कुंबले ने 26.3 ओवर में 9 मेडन ओवरों के साथ 74 रन खर्च करते हुए 10 विकेट लिए।
पहला विकेट : कुंबले ने शाहिद अफरीदी (41) को दिनेश मोंगिया के हाथों कैच कराया। दूसरा विकेट : एजाज अहमद (0) को पगबाधा आउट किया। तीसरा विकेट : इंजमाम-उल-हक (6) को बोल्ड किया। चौथा विकेट : यूसुफ योहाना (अब मो. यूसुफ) (0) को पगबाधा आउट किया। पाँचवा विकेट : मोइन खान (3) को सौरव गांगुली के हाथों कैच कराया। छठा विकेट : सईद अनवर (69) को वीवीएस लक्ष्मण के हाथों कैच कराया। सातवाँ विकेट : सलीम मलिक (15) को बोल्ड किया। आठवाँ विकेट : मुश्ताक अहमद (1) को राहुल द्रविड़ के हाथों कैच कराया। नौंवाँ विकेट : सकलैन मुश्ताक (0) को पगबाधा आउट किया। दसवाँ विकेट : वसीम अकरम (37) को वीवीएस लक्ष्मण के हाथों कैच कराते हुए पाकिस्तानी पारी समेटी। (नईदुनिया)
गंभीर व्यक्तित्व के धनी हैं कुंबले कुंबले यानी एक जुझारू क्रिकेटर जम्बो का क्रिकेट करियर भारतीय जीत में कुंबले का योगदान
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