पीवी सिंधू का 'केबीसी' में कमाल, अमिताभ भी हुए कायल...

पुनः संशोधित सोमवार, 9 अक्टूबर 2017 (22:31 IST)
मुंबई। टीवी दुनिया के बहुचर्चित और लोकप्रिय रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' यानी
केबीसी की विशिष्ट अदा के कारण घर-घर में पसंद किया जाता है। केबीसी के
सीजन 9 के एपिसोड नंबर 30 में हॉट सीट पर बैठीं थीं दुनिया की नंबर 2 बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू, जिन्होंने यहां भी कमाल करते हुए 25 लाख रुपए की धनराशि जीती..

जियो प्रजेंट्‍स 'केबीसी' आम लोगों के अलावा उन 'खास लोगों' के लिए एक विशेष कार्यक्रम करता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में अद्‍भुत कामयाबी हासिल की है। केबीसी में मिताली राज,
झूलन गोस्वामी, पूनम राउत और हरमनप्रीत कौर के बाद 'शटल परी' पीवी सिंधू को आमंत्रित
किया था और यहां पर उन्होंने जीती हुई 25 लाख की धनराशि हैदराबाद के उस कैंसर अस्पताल
को दान कर दी, जहां गरीब कैं‍सर पीड़ितों का मुफ्त इलाज होता है।
सिंधू के साथ हॉट सीट पर सवाल करने वाले अमिताभ बच्चन ने खुद स्वीकार किया कि वे उनके खेल के कायल हैं। अमिताभ ने कहा कि जब आप मैच खेलती हैं, तब मैं कमरे में पैर सिकोड़कर बैठ जाता हूं...रैलियों के दौरान आपको अंक मिले, इसके लिए कई 'टोटके' भी करता हूं। मसलन, पैर न उठाना, कोई बोल रहा हो तो वहीं उसे रोक देना...

30वें एपिसोड के प्रसारण के बाद अमिताभ ने अपने ब्लॉग में सिंधू के साथ अपनी तस्वीर भी
साझा की और लिखा 'देश को गौरवान्वित करने वाली सिंधू के साथ यह मुलाकात बेहद खास रही। उनके लिए भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी के साथ यह मुलाकात सम्मान की बात थी।'
यही नहीं, बॉलीवुड के सदी के महानायक ने एक दूसरी तस्वीर भी साझा की, जिसमें उन्हें हाथ
जोड़े देखा सकता है। अमिताभ लिखते हैं, 'किसी महान हस्ती और कई उपलब्धियां हासिल करने वाली शख्सियत के सामने आप केवल हाथ जोड़कर अभिनंदन कर सकते हैं। आशा है कि
आप इसी तरह देश को गौरवान्वित करती रहें।'

जिन लोगों ने भी ये एपिसोड देखा होगा, उन्होंने यह भी महसूस किया होगा कि चाहे अमिताभ
हों या फिर सिंधू दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचने के बाद कितने विनम्र बने रहते
हैं और एक-दूसरे का कैसे सम्मान करते हैं।
हॉट सीट पर जहां सिंधू अपनी बड़ी बहन डॉ. दिव्या के साथ बैठी थीं तो दर्शक दीर्घा में उनके माता-पिता भी मौजूद थे। अमिताभ ने पूछा कि आप कोर्ट में उतरने के पूर्व जोर से कुछ करती
हैं, वो क्या है? सिंधू ने कहा कि मैं मैच प्रारंभ होने के पूर्व अपने आपको 'पम मप' करते हुए जोर से कहती हूं 'कम ऑन'।

केबीसी के इस विशेष कार्यक्रम में सिंधू ने अपनी संघर्ष यात्रा के बारे में बताया कि वे किस तरह सुबह उठकर 27 किलोमीटर अभ्यास के लिए जाती थीं, फिर स्कूल और शाम को फिर बैडमिंटन के लिए 27 किलोमीटर का सफर तय करती थी। सिंधू ने कहा, मुझे पुलेला गोपी सर ने खेल की बा‍रीकियां बताईं और कड़ी मेहनत के बूते पर ही मैं आज यह मुकाम हासिल कर सकी।

सिंधू के अनुसार, मेरी कामयाबी में गोपी सर के अलावा माता-पिता का समर्पण भी शामिल है।
वे दोनों ही वॉलीबॉल में अर्जुन अवॉर्डी हैं। सिंधू के पिता ने कहा कि मैंने अपनी बेटी को
बैडमिंटन में इसलिए डाला क्योंकि यह व्यक्तिगत खेल है। इसमें जितनी मेहनत होगी वो खुद के लिए होगी।
2016 के रियो ओलंपिक के पूर्व सिंधू के कोच गोपीचंद ने तीन महीने ट्रेनिंग के दौरान सभी
खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने लॉकर में रख दिए थे। आज के वक्त में जहां बच्चे से लेकर बड़े तक की जिंदगी मोबाइल फोन के बगैर अधूरी समझी जाती हो, वहां सिंधू तीन महीने तक मोबाइल से दूर रही थी और यही कारण है कि वह रियो ओलंपिक से रजत पदक लेकर लौटीं।

ओलंपिक के बैडमिंटन फाइनल में स्पेन की कारोलिना मरीन सिंधू को हराने के बाद कोर्ट पर ही गिर गई थीं और बहुत देर तक पड़ी रहीं...सिंधू ने हार के बाद भी कारोलिना को उठाया और
गले लगाकर कहा था कि तुम ओलंपिक चैंपियन बन गई हो..सिंधू की इस खेल भावना को पूरे देश ने सलाम किया था और सलाम करने वाले इन्हीं लोगों में अमिताभ बच्चन भी थे।

अमिताभ बच्चन द्वारा सोशल मीडिया पर सिंधू के मैचों के दौरान उनका हौसला बढ़ाने के लिए
सिंधू ने पूरे देश के सामने उनको धन्यवाद दिया। जब सिंधू हॉट सीट पर बैठकर 25 लाख जीत चुकी थीं और 50 लाख के सवाल की तरफ जा ही रही थीं कि अचानक खेल खत्म होने का 'हूटर' बज गया। अमिताभ ने डिजिटल ट्रांजिक्शन के जरिए सिंधू के खाते में तुरंत 25 लाख की धनराशि ट्रांसफर कर दी।

सिंधू ने कार्यक्रम के पहले ही कहा कि मैं यहां पर जितनी भी रकम जीतूंगी, वह चैरिटी में जाएगी। 22 साल की सिंधू हैदराबाद में रहती हैं और यहां पर एक कैंसर अस्पताल से काफी
प्रभावित हैं, जहां गरीब कैंसर पीड़ितों का इलाज मुफ्त में किया जाता है। सिंधू अब यह राशि उस अस्पताल को दान देने जा रही हैं...
(वेबदुनिया न्यूज)

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