गत बीजिंग ओलिंपिक में तीन स्वर्ण जीत चुके विश्व रिकॉर्डधारी फर्राटा धावक जमैका के यूसेन बोल्ट ने कहा है कि वह सामान्य एथलीट हैं और उन्हें लीजेंड की संज्ञा अभी नहीं दी जानी चाहिए।
बोल्ट ने यहां कहा कि उन्हें महान एथलीटों की गिनती में तभी शामिल किया जाना चाहिए, जब वह बीजिंग में हासिल किया गया 'ताज' लंदन में भी सुरक्षित रख पाएं। बीजिंग में उन्होंने 100 मीटर 200 मीटर और चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर तीनों स्वर्ण जीते थे।
एक स्थानीय दैनिक से बोल्ट ने कहा एक बार ओलिंपिक जीत लेने से कोई खिलाड़ी महान नहीं हो जाता है। ऐसा कोई भी कर सकता है। यदि आप भीड़ से अलग खड़ा होना चाहते हैं तो आपको कम से कम दो बार यह कामयाबी हासिल करनी होगी।
बोल्ट ने बीजिंग का अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर बर्लिन में विश्व चैंपियनशिप में 100 मीटर और 200 मीटर के खिताब जीते थे लेकिन हाल के समय में वह हमवतन योहान ब्लेक से पिछडने के कारण चर्चाओं में रहे हैं।
इन परिणामों के पीछे बोल्ट की खराब फिटनेस को कसूरवार ठहराया गया और उनकी ओलिंपिक भागीदारी पर सवाल उठने लगे लेकिन बोल्ट के नजदीकियों ने हमेशा दावा किया है कि वह ओलिंपिक में खेलेंगे।
बोल्ट से मिलने को बेताब भारतीय एथलीट : भले ही यूसेन बोल्ट खुद को 'लीजेंड' कहलाना पसंद नहीं करते हैं लेकिन खेलगांव में मौजूद कई भारतीय एथलीटों की तमन्ना है कि इस महामानव से उनकी आमने-सामने मुलाकात हो जाए।
भारतीय टेनिस स्टार और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युगल खिलाड़ियों में से एक महेश भूपति का कहना है कि उन्हें बोल्ट से मिलने का एक मौका मिले। भारतीय खिलाड़ियों को 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में बोल्ट से मिलने का मौका मिल सकता था लेकिन तिहरे ओलिंपिक चैंपियन बोल्ट ने विश्व चैंपियनशिप की अपनी तैयारियों के चलते खुद को राष्ट्रमंडल खेलों से हटा लिया था।
भूपति ने कहा जब मैंने खेलना शुरू किया था तो मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं ओलिंपिक में खेलने उतरूंगा लेकिन यह मेरा लगातार पांचवां ओलिंपिक है। इस बार मेरी तमन्ना है कि बोल्ट से मिलने का मौका मिले जो मानवीय ताकत के सबसे बड़े उदाहरण हैं और धरती पर सबसे तेज एथलीट हैं।
ओलिंपिक में टेनिस की एकल स्पर्द्धा में उतरने जा रहे सोमदेव देववर्मन ने भी कहा कि वह खेलगांव में अपने ठहराव के दौरान अमेरिकी बास्केटबॉल खिलाड़ियों और बोल्ट से मिलना चाहेंगे। (वार्ता)