मुख पृष्ठ खेल-संसार » लंदन ओलिम्पिक 2012 » ओलिम्पिक समाचार » कृष्णा पूनिया का सपना टूटा (London Olympics 2012, London Olympics News Hindi | Olympic Updates in Hindi)
राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय डिस्क्स थ्रोअर कृष्णा पूनिया लंदन ओलिंपिक के फाइनल में अच्छप्रदर्शनहीपाऔर सातवें स्थान पर रहीं और इसी के साथ पदक जीतने का उनका सपना चकनाचूर हो गया।

पूनिया ने 63.62 मीटर की दूरी तक थ्रो किया, जो कि उनके 64.76 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी कम है। पूनिया के साथ फाइनल में 11 अन्य प्रतियोगियों ने प्रवेश किया था।

पूनिया ने पहली कोशिश में 62.42 मीटर की दूरी तय की, जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी थी। दूसरी कोशिश में उन्होंने फाउल कर दिया और फिर तीसरी बारी में 61.61 मीटर की दूरी तय की।

फाइनल में जगह बनाने वाले 12 एथलीटों में से 4 को तीन कोशिशों के बाद एलीमिनेट कर दिया गया। पूनिया इस समय भी सातवें स्थान पर थी1 उन्होंने अपने चौथे थ्रो में फिर से फाउल किया और फिर पांचवीं बार में 63.62 मीटर की दूरी तक थ्रो किया। छठी कोशिश में भी पूनिया 61.31 मीटर की ही दूरी तय कर सकीं।

इससे पहले पूनिया ने 63.54 मीटर की दूरी तक थ्रो फेंककर फाइनल में जगह बनाई थी। वे क्वालीफाइंग राउंड में अपने ग्रुप में पांचवें और ओवरआल आठवें स्थान पर रहीं।

पूनिया ओलिंपिक के फाइनल में जगह बनाने वाली भारत की पहली डिस्क्स थ्रोअर बन गई हैं। वे ट्रैक एंड फ्रील्ड स्पर्धा के ओलिंपिक फाइनल में जगह बनाने वाली छठी एथलीट हैं। इससे पहले मिल्खा सिंह. पी टी उषा. एस श्रीराम. अंजू बेबी जार्ज और गुरबचन सिंह रंधावा यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

इससे पहले शॉट पुटर ओम प्रकाश सिंह करहाना, डिस्क्स थ्रोअर सीमा अंतिल और तिहरी कूद एथलीट मयूखा जानी भी फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाईं थीं।

पैदल चाल एथलीटों गुरमीत सिंह और इरफान टोडी तथा महिला स्टीपल चेजर सुधा सिंह का सफर भी निराशाजनक प्रदर्शन के साथ समाप्त हो गया। (वार्ता)
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