कौन होते हैं अघोरी? कैसे करते हैं साधना, पढ़ें चौंकाने वाले रहस्य

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सिंहस्थ के निकट आते ही उज्जैन में साधु-संतों ने डेरा जमा लिया है। इस विशाल महा-आयोजन में सबसे ज्यादा अगर कोई आकर्षण का विषय है तो वह है अघोरी। वह जो कापालिक क्रिया करते हैं। वह जो तांत्रिक साधना में करते हैं और वह जो भस्म से लिपटे होते हैं जिनसे आमजन स्वाभाविक तौर पर डरते हैं। 


घोरी-अघोरी-तांत्रिक श्‍मशान के सन्नाटे में जाकर तंत्र-क्रियाओं को अंजाम देते हैं। घोर रहस्यमयी साधनाएं करते हैं। वास्तव में अघोर विद्या डरावनी नहीं है। उसका स्वरूप डरावना होता है। अघोर का अर्थ है अ+घोर यानी जो घोर नहीं हो, डरावना नहीं हो, जो सरल हो, जिसमें कोई भेदभाव नहीं हो। >

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