सावन शिव पूजा के शास्त्रोक्त नियम, शिवलिंग स्थापना में इन बातों का रखें ध्यान वरना...


माह में शिवपूजन का महत्व है परंतु शिवजी के पूजन तथा शिवलिंग की स्थापना में इन बातों का ध्यान रखा जाना अत्यंत आवश्यक है।
सावन के महीने में शिवलिंग की स्थापना करें तो इन बातों का ध्यान रखें। शिवलिंग जहां भी स्थापित हो पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही बैठें। शिवलिंग के दक्षिण दिशा में बैठकर कभी पूजन न करें।

शिवलिंग पर नियमित अभिषेक करें और मनवांछित फल पाने के लिए शिवजी का विविध धाराओं से अभिषेक करें।

जाप पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए। जप के पूर्व शिवजी को बिल्वपत्र अर्पित करना चाहिए।
भगवान शंकर की पूजा के समय शुद्ध आसन पर बैठकर पहले आचमन करें। यज्ञोपवित धारण कर शरीर शुद्ध करें। तत्पश्चात आसन की शुद्धि करें। पूजन-सामग्री को यथास्थान रखकर रक्षादीप प्रज्ज्वलित कर लें। स्वस्ति-पाठ करें।

स्वस्ति-पाठ -
स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवा:, स्वस्ति ना पूषा विश्ववेदा:, स्वस्ति न स्तारक्ष्यो अरिष्टनेमि स्वस्ति नो बृहस्पति र्दधातु।

- इसके बाद पूजन का संकल्प कर भगवान गणेश एवं गौरी-माता पार्वती का स्मरण कर पूजन करना चाहिए।
यदि आप रूद्राभिषेक, लघुरूद्र, महारूद्र आदि विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं, तब नवग्रह, कलश, षोडश-मात्रका का भी पूजन करना चाहिए।

संकल्प करते हुए भगवान गणेश व माता पार्वती का पूजन करें फिर नन्दीश्वर, वीरभद्र, कार्तिकेय (स्त्रियां कार्तिकेय का पूजन नहीं करें) एवं सर्प का संक्षिप्त पूजन करना चाहिए।

- इसके पश्चात हाथ में बिल्वपत्र एवं अक्षत लेकर भगवान शिव का ध्यान करें।
भगवान शिव का ध्यान करने के बाद आसन, आचमन, स्नान, दही-स्नान, घी-स्नान, शहद-स्नान व शक्कर-स्नान कराएं।

- इसके बाद भगवान का एक साथ पंचामृत स्नान कराएं। फिर सुगंध-स्नान कराएं फिर शुद्ध स्नान कराएं।

अब भगवान शिव को वस्त्र चढ़ाएं। वस्त्र के बाद जनेऊ चढाएं। फिर सुगंध, इत्र, अक्षत, पुष्पमाला, बिल्वपत्र चढाएं।

अब भगवान शिव को विविध प्रकार के फल चढ़ाएं। इसके पश्चात धूप-दीप जलाएं।
हाथ धोकर भोलेनाथ को नैवेद्य लगाएं।

नैवेद्य के बाद फल, पान-नारियल, दक्षिणा चढ़ाकर आरती करें। (जय शिव ओंकारा वाली शिव-आरती)

- इसके बाद क्षमा-याचना करें।

क्षमा मंत्र : आह्वानं ना जानामि, ना जानामि तवार्चनम, पूजाश्चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वर:।

इस प्रकार संक्षिप्त पूजन करने से ही भगवान शिव प्रसन्न होकर सारे मनोरथ पूर्ण करेंगे। घर में पूरी श्रद्धा के साथ साधारण पूजन भी किया जाए तो भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं।


वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

मां पार्वती का पावन चालीसा...

मां पार्वती का पावन चालीसा...
पढ़ें आदिशक्ति मां पार्वतीजी की प्रिय चालीसा। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार दुर्गा, ...

कृष्ण, द्रौपदी और कर्ण के शरीर में थी ये समानता, जानिए ...

कृष्ण, द्रौपदी और कर्ण के शरीर में थी ये समानता, जानिए तीनों के बीच का रहस्य
महाभारत में कुं‍ती पुत्र युधिष्ठिर, अर्जुन और भीम एवं माद्री पुत्र नकुल और सहदेव की पत्नी ...

श्रावण मास में जपें 3 कृष्ण मंत्र और 3 शिव मंत्र, हर तरह के ...

श्रावण मास में जपें 3 कृष्ण मंत्र और 3 शिव मंत्र, हर तरह के संकट का होगा अंत
आप श्रावण माह में निम्न मंत्र की श्रावण शुक्ल पक्ष अष्टमी से श्रावण की पूर्णिमा तक 1 माला ...

एकलव्य का पुत्र लड़ा था महाभारत में और इनके हाथों मारा गया

एकलव्य का पुत्र लड़ा था महाभारत में और इनके हाथों मारा गया
एकलव्य को कुछ लोग शिकारी का पुत्र कहते हैं और कुछ लोग भील का पुत्र। कुछ लोग यह कहकर ...

कालसर्प योग से पीड़ित हैं तो नागपंचमी के दिन करें श्री ...

कालसर्प योग से पीड़ित हैं तो नागपंचमी के दिन करें श्री सर्पसूक्त का पाठ, मिलेगी परेशानियों से मुक्ति...
जिस जातक की कुंडली में कालसर्प योग, पितृ दोष होता है उसका जीवन अत्यंत कष्टदायी होता है। ...

इस साल क्या है रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, ...

इस साल क्या है रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, क्या धनिष्ठा पंचक बनेगा रूकावट
रक्षाबंधन का त्योहार इस वर्ष 26 अगस्त को है। इस साल अच्छी बात यह है कि राखी के दिन भद्रा ...

रक्षाबंधन में नहीं है भद्रा का दोष, ऐसे सजाएं राखी की थाली ...

रक्षाबंधन में नहीं है भद्रा का दोष, ऐसे सजाएं राखी की थाली अपने भाई के लिए
हिन्दू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त प्रातः 5 बजकर 59 मिनट से आरंभ होकर शाम 5 ...

कब होगा भगवान विष्णु का कल्कि अवतार?

कब होगा भगवान विष्णु का कल्कि अवतार?
पुराणों में कल्कि अवतार के कलियुग के अंतिम चरण में आने की भविष्यवाणी की गई है। अभी कलियुग ...

घर की कौनसी दिशा बदल सकती है आपकी दशा, जानिए वास्तु के ...

घर की कौनसी दिशा बदल सकती है आपकी दशा, जानिए वास्तु के अनुसार
चारों दिशाओं से सुख-संपत्ति और सम्मान पाना है तो जानें वास्तु के अनुसार कैसी हो भवन की ...

समस्त पापों से मुक्ति देता है शिव महिम्न स्तोत्र, श्रावण ...

समस्त पापों से मुक्ति देता है शिव महिम्न स्तोत्र, श्रावण में अवश्य पढ़ें... (हिन्दी अर्थसहित)
श्रावण मास के विशेष संयोग पर भगवान शिव को पुष्पदंत द्वारा रचित शिव महिम्न स्तोत्र से ...

राशिफल