शेयर बाजार में बड़ी रिकवरी के मौके कम

कमल शर्मा|
अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर क्रूड की जोरदार छलाँग, बढ़ती महँगाई दर और विदेशी संस्‍थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भारतीय शेयर बाजारों का मूड आने वाले दिनों में और बिगाड़ सकती है। शेयर बाजार के मौजूदा उतार-चढ़ाव का कारोबारी मौके के रूप में उपयोग किया जा सकता है, लेकिन स्‍टॉप लॉस का प्रयोग करना जरूरहै। अन्‍यथा बाजार से दूर रहें और इसे क्रिकेट मैच के तमाशाबीन की तरह देखें तो ज्‍यादा अच्‍छा है।

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में 6 जून को क्रूड का दाम 10 डॉलर से भी ज्‍यादा उछलकर 138.54 डॉलर प्रति बैरल पहुँच गया। एक दिन में कूड में आई इस जबरदस्‍त तेजी से सारी दुनिया को झटका लगा है और अब इस बढ़ोतरी पर नियंत्रण एवं आर्थिक विकास पर पड़ने वाले असर को लेकर कई देशों ने चिंता जतानी शुरु कर दी है।

क्रूड के भारतीय बास्‍केट की बात की जाएँ तो यह दाम 130 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँछ गया है, जिससे साफ है कि सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों के दामों को कुछ हद तक नीचा रखने और तेल कंपनियों को डूबने से बचाने के लिए, जो प्रयास किए, वे विफल हो जाएँगे। भारत में मानसून समय से कुछ दिन पहले आया है, लेकिन क्रूड की छलाँग और बढ़ती महँगाई दर के आगे यह लाचार रहेगा।

क्रेडिट सुसे एसेट मैनेजमेंट के उपाध्‍यक्ष रॉबर्ट पार्कर का कहना है कि जून में क्रूड और कमोडिटीज सहित अनेक जोखिम कारक हैं। भारत हालाँकि सस्‍ता है और बाजार को अगले कुछ सप्‍ताहों में आधार मिलेगा। विदेशी निवेशक भारत से बाहर हो रहे हैं, लेकिन वे जब यहाँ उभार दिखाई देगा, वे लौटेंगे। भारत में निवेशकों को पास बड़ी नकदी है। शेयर बाजार में अब दस फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट दिखाई नहीं देती।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्‍स 9 जून से शुरू हो रहे सप्‍ताह में 16183 से 15132 अंक के बीच घूमता रहेगा। जबकि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी 4488 से 4812 अंक के बीच रहने की संभावना है।
रेलिगेयर, बरेली के प्रमुख विकास अग्रवाल का कहना है कि बाजार में गिरावट का दौर अभी जारी रहेगा। निफ्टी में तीन सौ अंकों तक की और गिरावट संभव है। सेंसेंक्स 1200-1500 अंक और गिरेगा। 14500 पर सेंसेक्स को जबरदस्त समर्थन मिलेगा, वहाँ से बाजार ऊपर की तरफ जा सकता है, लेकिन यह उम्मीद करना कि वह पिछला 22000 का बैरियर तोड़ देगा, मुमकिन नहीं है।

तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि शेयर बाजार के मासिक चार्ट को देखें तो सेंसेक्‍स को 12316 और 14677 की ट्रेंड लाइन से सपोर्ट मिला है। ट्रेंड लाइन की वेल्‍यू 15300 के करीब थी और सेंसेक्‍स नीचे में 15314 अंक तक आया था। यदि अब सेंसेक्‍स में और गिरावट आती है एवं यह 15297 अंक के नीचे बंद होता है तो सेंसेक्‍स की परीक्षा 14677 अंक पर होगी। अगर बीएसई सेंसेक्‍स 15297 से नीचे नहीं जाता है तो यह 17735 से 15297 तक की हुई यात्रा में वापसी कर सकता है। इस वापसी के पड़ाव 16239-16524-16810 होंगे।

वासुदेव का कहना है कि शेयर बाजार के तेजड़ियों के नियंत्रण में आने के लिए सेंसेक्‍स का 17735 अंक को पार करना जरूरी है। शेयर बाजार के लिए मध्‍यम अवधि के सपोर्ट स्‍तर और रेंज 14677-14141-13779 है। यदि बाजार 15297 के नीचे जाता है तो इन हर स्‍तरों पर इसकी परीक्षा होगी। साप्‍ताहिक रेसिस्टेंस 15839-16365-16666 पर होगा और साप्‍ताहिक सपोर्ट 15297-15046-14677-14141-13779-13727 स्‍तरों पर रहेगा।

यूबीएस सिक्‍युरिटीज के कार्यकारी निदेशक मानीषी रायचौधरी का मानना है कि बीएसई सेंसेक्‍स में और दस फीसदी करेक्‍शन देखने को मिल सकता है। इस करेक्‍शन से सेंसेक्‍स 14 हजार अंक तक आ सकता है। रायचौधरी की नजर में एक साल में सेंसेक्‍स का लक्ष्‍य 19600 है।

इस सप्‍ताह निवेशक ब्रिटानिया इंडस्‍ट्रीज, ग्रीनप्‍लाई इंडस्‍ट्रीज, चंबल फर्टिलाइजर्स, टीटीके प्रेस्‍टीज, इंडियन होटल्‍स, पटेल एयरटैम्‍प, जीएमडीसी, कालिंदी रेलनिर्माण, सन फार्मा, वरुण शिपिंग और आरती इंडस्‍ट्रीज पर ध्‍यान दे सकते हैं।
*यह लेखक की निजी राय है। किसी भी प्रकार की जोखिम की जवाबदारी वेबदुनिया की नहीं होगी।
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