चमत्कारिक समाधि स्थान, पूर्ण होती जहां मनोकामना

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
प्राचीन काल से ही भारत में साधु और संतों के प्रति बहुत आदर और सम्मान रहा है। एक ओर जहां भारत में देवी, देवताओं और भगवानों के मंदिर बने तो दूसरी और सिद्ध ऋषि और मुनियों के भी बने। 
उल्लेखनीय है भारत में प्राचीनकाल से ही सिद्ध संतों की बैठक समाधि दी जाती रही है। साधु और संतों का कभी दाह संस्कार नहीं होता। भारत में ऐसे हजारों संतों के आज भी समाधि स्थल मौजूद है जहां जाकर श्रद्धापूर्वक माथा टेकने से लोगों के दुख दर्द दूर होते रहे हैं। 
 
भारत में शैव, शाक्त, नाथ और वैष्णवी संतधारा के आलावा अन्य ब्रह्मवादी संत समाज की धारा भी प्राचीनकाल से प्रवाहित होती रही है। यहां प्रस्तुत है मध्यकाल से कुछ पूर्व से अब तक हुए ऐसे संतों के समाधि स्थल के बारे में जानकारी जिन्हें चमत्कारिक माना जाता है और जहां जाकर हर तरह की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। 
अगले पन्ने पर पहले सिद्ध संत का समाधि स्थल...
 

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