क्या राधा भगवान कृष्ण की प्रेमिका थीं?

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
पुराणों के अनुसार देवी रुक्मणि का जन्म अष्टमी तिथि को कृष्ण पक्ष में हुआ था और श्रीकृष्ण का जन्म भी कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को हुआ था व देवी राधा वह भी अष्टमी तिथि को अवतरित हुई थीं। राधाजी के जन्म में और देवी रुक्मणि के जन्म में एक अंतर यह है कि देवी रुक्मणि का जन्म कृष्ण पक्ष में हुआ था और राधाजी का शुक्ल पक्ष में। राधाजी को नारदजी के शाप के कारण विरह सहना पड़ा और देवी रुक्मणि से कृष्णजी की शादी हुई। राधा और रुक्मणि यूं तो दो हैं, परंतु दोनों ही माता लक्ष्मी के ही अंश हैं।

रामचरित मानस के बालकांड में जैसा कि तुलसीदासजी ने लिखा है कि नारदजी को यह अभिमान हो गया था कि उन्होंने काम पर विजय प्राप्त कर ली है। नारदजी की परीक्षा लेने के लिए भगवान विष्णु ने अपनी माया से एक नगर का निर्माण किया। उस नगर के राजा ने अपनी रूपवती पुत्री के लिए स्वयंवर का आयोजन किया। स्वयंवर में नारद मुनि भी पहुंचे और कामदेव के बाणों से घायल होकर राजकुमारी को देखकर मोहित हो गए।
राजकुमारी से विवाह की इच्छा लेकर वे भगवान विष्णु के पास पहुंचे और उनसे निवेदन करने लगे कि प्रभु मुझे आप अपना सुंदर रूप प्रदान करें, क्योंकि मुझे राजकुमारी से प्रेम हो गया है और मैं उससे विवाह की इच्छा रखता हूं। नारदजी के वचनों को सुनकर भगवान मुस्कुराए और कहा तुम्हें विष्णु रूप देता हूं। जब नारद विष्णु रूप लेकर स्वयंवर में पहुंचे तब उस राजकुमारी ने विष्णुजी के गले में वरमाला डाल दी। नारदजी वहां से दु:खी होकर चले आ रहे थे। मार्ग में उन्हें एक जलाशय दिखा जिसमें उन्होंने चेहरा देखा तो वे समझ गए कि विष्णु भगवान ने उनके साथ छल किया है और उन्हें वानर रूप दिया है।
नारदजी क्रोधित होकर वैकुंठ पहुंचे और भगवान को बहुत भला-बुरा कहा और उन्हें पत्नी का वियोग सहना होगा, यह श्राप दिया। नारदजी के इस श्राप की वजह से रामावतार में भगवान रामचन्द्रजी को सीता का वियोग सहना पड़ा था और कृष्णावतार में देवी राधा का।

श्रीकृष्ण ने देवी रुक्मणि के प्रेम और पतिव्रत को देखते हुए उन्हें वरदान दिया कि जो व्यक्ति पूरे वर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन आपका व्रत और पूजन करेगा और पौष मास की कृष्ण अष्टमी को व्रत कर के उसका उद्यापन यानी समापन करेगा उसे कभी धनाभाव का सामना नहीं करना होगा। जो आपका भक्त होगा उसे देवी लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होगी।

राधा की कृष्ण से एक और मुलाकात...


वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

दुर्घटनाएं अमावस्या और पूर्णिमा पर ही क्यों होती है? आइए ...

दुर्घटनाएं अमावस्या और पूर्णिमा पर ही क्यों होती है? आइए जानते हैं यह रहस्य-
पूर्णिमा के दिन मोहक दिखने वाला और अमावस्या पर रात में छुप जाने वाला चांद अनिष्टकारी होता ...

सूर्य-चन्द्र ग्रहण से कैसे जानें शकुन-अपशकुन, पढ़ें 9 काम ...

सूर्य-चन्द्र ग्रहण से कैसे जानें शकुन-अपशकुन, पढ़ें 9 काम की बातें...
अथर्ववेद में सूर्य ग्रहण तथा चन्द्र ग्रहण को अशुभ तथा दुर्निमित कहा गया है। यहां पाठकों ...

कुरुक्षेत्र के युद्ध में कौन किस योद्धा का वध करता है,

कुरुक्षेत्र के युद्ध में कौन किस योद्धा का वध करता है, जानिए
महाभारत का युद्ध 18 दिनों तक चला और लगभग 45 लाख सैनिक और योद्‍धाओं में हजारों सैनिक लापता ...

जया-पार्वती व्रत 25 जुलाई को, जानिए पूजन विधि और पौराणिक ...

जया-पार्वती व्रत 25 जुलाई को, जानिए पूजन विधि और पौराणिक व्रत कथा
जया-पार्वती व्रत अथवा विजया-पार्वती व्रत सौभाग्य सुंदरी व्रत की तरह है। इस व्रत से माता ...

प्राचीनकाल के नायक और नायिकाओं की जाति का रहस्य जानिए

प्राचीनकाल के नायक और नायिकाओं की जाति का रहस्य जानिए
अक्सर आपने प्राचीन मंदिरों के बाहर स्तंभों पर देवी, देवता, यक्ष और अप्सराओं की मूर्तियां ...

देवताओं की रात्रि प्रारंभ, क्यों नहीं होते शुभ कार्य कर्क ...

देवताओं की रात्रि प्रारंभ, क्यों नहीं होते शुभ कार्य कर्क संक्रांति में...
कर्क संक्रांति में नकारात्मक शक्तियां प्रभावी होती हैं और अच्छी और शुभ शक्तियां क्षीण हो ...

सूर्य कर्क संक्रांति आरंभ, क्या सच में सोने चले जाएंगे सारे ...

सूर्य कर्क संक्रांति आरंभ, क्या सच में सोने चले जाएंगे सारे देवता... पढ़ें पौराणिक महत्व और 11 खास बातें
सूर्यदेव ने कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है। सूर्य के कर्क में प्रवेश करने के कारण ही इसे ...

यदि आप निरोग रहना चाहते हैं, तो पढ़ें यह चमत्कारिक मंत्र

यदि आप निरोग रहना चाहते हैं, तो पढ़ें यह चमत्कारिक मंत्र
भागदौड़ भरी जिंदगी में आजकल सभी परेशान है, कोई पैसे को लेकर तो कोई सेहत को लेकर। यदि आप ...

ज्योतिष सच या झूठ, जानिए रहस्य

ज्योतिष सच या झूठ, जानिए रहस्य
गीता में लिखा गया है कि ये संसार उल्टा पेड़ है। इसकी जड़ें ऊपर और शाखाएं नीचे हैं। यदि कुछ ...

व्रत कथा : देवशयनी एकादशी की पौराणिक एवं प्रा‍माणिक कहानी ...

व्रत कथा : देवशयनी एकादशी की पौराणिक एवं प्रा‍माणिक कहानी यहां पढ़ें...
धर्मराज युधिष्ठिर ने कहा- हे केशव! आषाढ़ शुक्ल एकादशी का क्या नाम है? इस व्रत के करने की ...

राशिफल