ओशो वाणी
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ओशो वाणी
05 अगस्त 2007
•
अनिद्रा एक जीवन शैली है
•
मनुष्य विक्षिप्त है
•
आँसुओं में बह जाती है उदासी
•
भय की ऊर्जा को समझो
•
मनुष्य की मूलभूत समस्या
पिछले सन्दर्भ
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