स्वीडन में करीब दस हजार साल पुराना देवदार का एक पेड़ मिला है जिसके बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दुनिया का सबसे बुजुर्ग पेड़ है। कार्बन डेटिंग पद्घति से गणना के बाद वैज्ञानिकों ने इसे धरती का सबसे पुराना पेड़ कहा है।
यूमेआ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को दलारना प्रांत की फुलु पहाड़ियों में यह पेड़ वर्ष 2004 में मिला था। उस समय वैज्ञानिक पेड़-पौधों की प्रजातियों की गिनती में लगे हुए थे। फ्लोरिडा के मियामी की एक प्रयोगशाला में कुछ दिनों पहले ही कार्बन डेटिंग पद्घति की मदद से इस पेड़ के आनुवांशिक तत्वों का अध्ययन किया गया है।
वैज्ञानिक इससे पहले तक उत्तरी अमेरिका में मिले चार हजार साल पुराने देवदार के ही एक पेड़ को दुनिया का सबसे पुराना पेड़ मानते थे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक अभी तक का सबसे पुराना पेड़ कैलिफोर्निया की सफेद पहाड़ियों में है जिसकी उम्र 4,768 साल आँकी गई है।
क्लोनिंग : माना जा रहा है कि वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करने का दावेदार यह पेड़ हिमयुग के तुरंत बाद का है। फुलु की पहाड़ियों में 910 मीटर की ऊँचाई पर यह पेड़ जहाँ पर मिला है, उसके आसपास कोणीय पत्तियों वाले लगभग 20 और पेड़ों के समूह पाए गए हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है बाकी पेड़ भी आठ हजार साल से ज्यादा पुराने हैं। यूमेआ यूनिवर्सिटी का कहना है कि इन पेड़ों का बाहरी हिस्सा तो अपेक्षाकृत नया है लेकिन पत्तियों और शाखाओं की चार पीढ़ियों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि इनकी जड़ें 9,550 साल पुरानी हैं। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लेफ कुलमैन कहते हैं कि इनके तने का जीवन लगभग 600 साल का होता है, लेकिन एक की मौत के बाद जड़ से दूसरा 'क्लोन' तना निकल सकता है। कुलमैन कहते हैं कि हर साल बर्फबारी के बाद जब कुछ तने नीचे झुक जाते हैं तो वे जड़ पकड़ लेते हैं। वैज्ञानिक इस खोज से खासे चकित हैं क्योंकि अभी तक कोणीय पत्तों वाले पौधों की इन नस्लों को अपेक्षाकृत नया माना जाता था।
कुलमैन कहते हैं कि परिणामों ने बिल्कुल उलटे नतीजे दिए हैं, कोणीय पत्तों वाले पेड़ पहाड़ियों में सबसे पुराने ज्ञात पौधों में एक हैं। उन्होंने कहा कि इन पौधों के मिलने से अनुमान है कि उस समय यह इलाका आज की तुलना में ज्यादा गर्म रहा होगा।
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