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नसबंदी कराओ, बंदूक पाओ!
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मध्यप्रदेश के चंबल इलाके में बंदूक आन-बान और शान का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन आजकल इसी शान को पाने के लिए यहाँ लोग नसबंदी करवा रहे हैं।

दरअसल, भिंड के ‍िजला प्रशासन ने इन दिनों परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए एक योजना चला रखी है। जिसके मुताबिक नसबंदी कराने वाले पुरुषों को बंदूक का लाइसेंस हासिल करने में प्राथमिकता दी जा रही है।

भिंड जिले में ज्यादा से ज्यादा मर्द इस साल नसबंदी करवाने के लिए आगे आ रहे हैं। इस उम्मीद के साथ कि उन्हें बंदूक का लाइसेंस आसानी से मिल जाएगा। पिछले साल मात्र आठ पुरुषों ने नसबंदी कराई थी। लेकिन, इस साल अब तक 175 से भी ज्यादा लोग नसबंदी करवा चुके हैं।

भिंड के जिलाधिकारी मनीष श्रीवास्तव कहते हैं कि इस साल अच्छे नतीजे सामने आए हैं। बंदूक के लाइसेंस की उम्मीद में काफी लोगों ने नसबंदी करवाई है। चंबल के इलाके में लोगों के बंदूक-प्रेम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भिंड जिले में 23 हजार लाइसेंसी बंदूके हैं, जबकि, 11 हज़ार शिवपुरी जिले में और 15 हजार लाइसेंसी बंदूकें मुरैना जिलमें हैं।

बंदूक है तो शान है : चंबल इलाके में सड़क पर चलते हुए आप आसानी से ऐसे दर्जनों लोगों को देख सकते हैं, जिनके कंधे पर बंदूक टँगी होती है। यहाँ के सुमेर पटेल कहते हैं कि हर परिवार की पहली कोशिश यही होती है कि उनके पास एक बंदूक हो। अगर दो हो तो भी कोई बुराई नही है।

वहीं, अमरसिंह कहते हैं कि बंदूक उनकी इज्जत से जुड़ा हुआ मामला है। यही वजह है कि हर किसी की कोशिश होती है कि उनके पास कम से कम एक बंदूक तो हो।

नसबंदी करवा चुके संजीव डागा कहते हैं कि जिला प्रशासन का ये फैसला अच्छा है। मुझे बंदूक हासिल करने के लिए नसबंदी रिपोर्ट लगानी पड़ी। उम्मीद है कि लाइसेंस जल्द ही मिल जाएगा। नसबंदी का ऑपरेशन करवाकर बंदूक हासिल करने वाले पंकज भी कहते हैं कि जिला प्रशासन की पहल अच्छी है।

लेकिन, इस इलाके में समाजसेवा करने वाले केएस मिश्रा इस मामले में कुछ अलग सोचते हैं। उनका कहना है कि बंदूक के लिए यहाँ के लोग कुछ भी कर सकते हैं। मगर परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के इस तरीके को सही नहीं कहा जा सकता।

वो कहते हैं कि प्रशासन को दूसरे तरीके आजमाना चाहिए न कि इस तरह बंदूक के लाइसेंस देने की बात करनी चाहिए। इन सब के बीच यहाँ के लोग खुश हैं कि आखिर उन्हें बंदूक का लाइसेंस बिना किसी दिक्कत के मिल रहा है। वो भी एक छोटे से ऑपरेशन के बाद।
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