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'होप एंड ए लिटिल शुगर'
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भारतीय निर्देशक तनुजा चंद्रा की अंग्रेजी फिल्म 'होप एंड ए लिटिल शुगर' का लंदन में प्रीमियर किया गया है। प्रीमियर फिल्म फेस्टिवल टंग्स ऑन फायर के तहत हुआ।

सिनेमा में एशियाई महिलाओं के योगदान को सलाम करता विशेष फिल्म उत्सव 'टंग्स ऑन फायर' लंदन में मनाया जा रहा है। तनुजा चंद्रा की फिल्म 'होप एंड ए लिटिल शुगर' में महिमा चौधरी और अनुपम खेर ने काम किया है।

इस फिल्म में मुख्य अभिनेता का किरदार निभाया है नए कलाकार अमित सयाल ने। तनुजा चंद्रा इससे पहले दुश्मन, संघर्ष, जिंदगी रॉक्स जैसी फिल्में बना चुकी हैं।

फिल्म होप एंड ए लिटिल शुगर की कहानी अमेरिका में 2001 में हुए 9/11 के हमलों की पृष्ठभूमि में आधारित है। कैसे इस हादसे का असर एक सिख परिवार और एक मुस्लिम लड़के की जिंदगी पर पड़ता है।

थोड़ी-सी उम्मीद... : फिल्म में महिमा चौधरी का किरदार एक सिख लड़की का है जिसके पति की 9/11 के हादसे में मौत हो जाती है और उसकी दोस्ती एक मुस्लिम लड़के से होती है।

फिल्म के बारे में महिमा चौधरी ने बताया कि अमेरिका में 9/11 एक बड़ा हादसा था। फिल्म में मैं एक सिख लड़की हूँ जिसके पति की 9/11 में मौत हो जाती है और मेरे परिवार वालों की लिए जिंदगी बोझ बन जाती है। ऐसे में दर्शाया गया है कि जिंदगी में अगर थोड़ी-सी उम्मीद और थोड़ी-सी मिठास हो, तो हर मसले से निपटा जा सकता है। फिर मेरी दोस्ती एक मुस्लिम लड़के से होती है। 9/11 के बाद मुस्लिमों के प्रति बदले रवैये को भी फिल्म में दर्शाया गया है।

होप एंड ए लिटिल शुगर के अलावा टंग्स ऑन फ़ायर फिल्म उत्सव में ऐसी फिल्में दिखाई जा रही हैं जिन्हें या तो महिला निर्देशकों ने बनाया है या फिर फिल्म का केंद्रीय किरदार महिला है।

शबाना आजमी, गुरिंदर चड्ढा, मीरा नायर, नंदिता दास, आयशा धारकर और हेलन जैसी हस्तियाँ इस फेस्टिवल का हिस्सा रह चुकी हैं।

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फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न विषयों को उठाती फिल्में दिखाई जा रही हैं। फेस्टिवल में एक ओर जहाँ एड्स के विषय को उठाती फिल्म हैं तो दूसरी ओर धर्म और विवाहेत्तर संबंधों जैसे मुद्दे भी उठाए गए हैं।

एड्स पर लघु फिल्मों की श्रृंखला ‘एड्स जागो’ फिल्म उत्सव में दिखाई जाएगी। एड्स जागो में मीरा नायर, विशाल भारद्वाज, संतोष सिवान और फरहान अख्तर की लघु फिल्में हैं।

एक ओर जहाँ धार्मिक कट्टरता और मानवीय भावनाओं पर सवाल उठाने वाली भारतीय निर्देशक भावना तलवार की फिल्म धर्म है, तो इसी विषय पर बनी पाकिस्तानी फिल्म खुदा भी फेस्टिवल के लिए चुनी गई है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह ने काम किया है।

बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कार जीतने वाली तेलुगू फिल्म वनजा भी फेस्टिवल में शामिल की गई है। ब्रितानी लेखिका और निर्देशक शमीम शरीफ की फिल्म ‘द वर्ल्ड अनसीन’ रंगभेद के समय वाले दक्षिण अफ्रीका में दो एशियाई महिलाओं की जिंदगी की गाथा बयाँ करती है।
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