ब्लॉग की दुनिया हजारों ख्वाहिशों की दुनिया है। ब्लॉग ने इन ख्वाहिशों के लिए अभिव्यक्ति की नई खिड़कियाँ खोल दी हैं। हजारों खिड़कियाँ। इनमें कुछ खिड़कियाँ साहित्य की भी हैं। इनमें कहानी है, कविता है, अनुवाद है, डायरी है, साक्षात्कार हैं और स्मृतियाँ भी हैं। जब मीडिया एक हवस का शिकार होकर मुख्य दरवाजे से धडधड़ाता हुआ निकलता है और सब कुछ को तहस-नहस करना चाहता है, तब ब्लॉग की इन खिड़कियों में समाज की असल ख्वाहिशें हवाओं के साथ पतझड़ का पत्ता भी लाती है और फूल भी।
सामूहिक चेतना का हिस्सा बनना चाहता है। भले ही यह कहा जा रहा हो कि अधिकांश ब्लॉग भावुक और रोमानी हैं लेकिन इन खिड़कियों में उस बेचैनी को देखा-पढ़ा जा सकता है जहाँ नारेबाजी से बचकर कुछ रचने या प्रस्तुत करने की गहरी इच्छा है। यह आकस्मिक नहीं है कि अब अमेरिका की तर्ज पर भी ब्लॉग उस दिशा में तो बढ़ ही रहा है जहाँ उसे एक वैकल्पिक माध्यम के रूप में न केवल पहचान मिले बल्कि वह सांस्कृतिक प्रतिरोध भी पैदा कर सके।
हिंदी में ब्लॉगिंग अभी नई है। यह चरम स्वतंत्रता की स्पेस है और यही कारण है कि यहाँ एक साथ हजारों फूलों को खिलते देखा-महसूस किया जा सकता है। यह सही है कि आज हिंदी ब्लॉग की दुनिया में गैरराजनीतिक और निहायत ही निजी किस्म की चीजें ज्यादा हैं लेकिन ब्लॉग वंचित मनुष्यता का गाना और सत्ता के खिलाफ एक तीखा प्रतिरोध बने, इसके लिए उसे अभी लंबी यात्रा करना है। यहाँ उदय प्रकाश बहुत पहले से ही अपना ब्लॉग लिख रहे हैं और उनकी प्रतिबद्धता और रचनात्मकता असंदिग्ध है। | | वेबदुनिया के मायवेबदुनिया पर कुछ ऐसे ब्लॉग हैं जो साहित्य की जगह बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सबद पर ख्यात कवि असद जैदी ने लिखा था कि कविता महज एक शरणस्थल या पसंदीदा मकाम नहीं एक जिम्मेदारी और चुनौती की भी जगह है। |
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विष्णु नागर का ब्लॉग कवि बहुत ही दिलचस्प है। युवा कवि बोधिसत्व का विनय पत्रिका ब्लॉग है। प्रियंकर अपने ब्लॉग अनहदनाद में पिछले दो-ढाई सालों से कविताएँ दे रहे हैं, लेकिन इनमें अनुराग वत्स का ब्लॉग सबद ध्यानाकर्षी है। इसमें कुछ अच्छे कॉलम के साथ ब्लॉग ने साहित्य पर ही अपने को केंद्रित किया है और उन्हें इसके लिए वरिष्ठ-युवा साहित्यकारों का रचनात्मक सहयोग मिल रहा है। युवा कवि-कहानीकार गीत चतुर्वेदी के ब्लॉग वैतागवाड़ी पर कुछ अच्छे अनुवाद और उनकी कविताएँ पढ़ने को मिल रही हैं।
कटाक्ष एक बेहतरीन ब्लॉग है जहाँ छोटी-छोटी मारक कहानियाँ पढ़ने को मिल रही हैं। इसके अलावा शायदा का जुबांदराजियाँ और प्रत्यक्षा का ब्लॉग ध्यान खींचते हैं। कबाड़खाना पर हिंदी के कुछ कवियों के साथ विश्व कवियों की बेहतरीन कविताएँ पढ़ने को मिलती रही हैं। किताबी कोना ब्लॉग किताबों की समीक्षाओं का कोना है लेकिन वहाँ नियमित कोई भी नहीं है। लेकिन कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इनके अलावा कुछ और ब्लॉग पर साहित्य में आते बदलाव और अभिव्यक्तियों के नए ढंग-ढब देखने को मिल रहे हैं।
वेबदुनिया के मायवेबदुनिया पर कुछ ऐसे ब्लॉग हैं जो साहित्य की जगह बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सबद पर ख्यात कवि असद जैदी ने लिखा था कि कविता महज एक शरणस्थल या पसंदीदा मकाम नहीं एक जिम्मेदारी और चुनौती की भी जगह है। ब्लॉग की दुनिया भी यही कहती है। ब्लॉग साहित्य के जरिए एक प्रतिरोध का मंच बन सके यह एक जिम्मेदारी और चुनौती भी है। यह आसान नहीं और जल्द होगा भी नहीं, इसके लिए सतत सार्थक कोशिशों की जरूरत है। ऐसी कोशिशों की कि जिससे प्रगतिशील धारा का साहित्य मुख्य स्वर बन सके और जन-मन का आईना। http://www.kataksh.blogspot.com/ alochak.blogspot.com http://kabaadkhaana.blogspot.com/ http://geetchaturvedi.blogspot.com/ http://zubandaraz.blogspot.com/ http://anahadnaad.wordpress.com/
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