दूसरी ओर शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने विरोध व्यक्त करते हुए उद्योगपतियों पर आरोप लगाया कि वे क्रिकेट के मैदान में पैसा फेंक रहे हैं, जिस कारण समूचा खेल भ्रष्ट हो रहा है। वामपंथियों ने भी क्रिकेट को खेल के बजाय बाजार का रूप देने और खिलाड़ियों की खरीददारी 1.60 अरब रुपए में करने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए माँग की है कि क्रिकेट के खेल में इस प्रकार काला धन बरसाने के मामले में पूरी जाँच हो।
दिलचस्प बात यह है कि नीलामी की बोलियाँ लगाने का आयोजन करने वाली आईपीएल का यह प्रयास भारतीय खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हुआ, लेकिन कुछ मामलों में यह भविष्य में सिरदर्द भी दे, तो कोई हैरत नहीं होगी। जहाँ तक विदेशी खिलाड़ियों की बोली लगाने की बात है साइमंड्स, जयसूर्या, ब्रेट ली, जैक्स कैलिस, संगकारा की तुलना में रिकी पोंटिंग, मुरलीधरन, मैथ्यू हेडन, शॉन पोलक और शेन वार्न को कम राशि से आँका गया।
भारतीय खिलाड़ियों में भी गुत्थियों का प्रश्न है। आईपीएल ने कुछ ही दिनों में, क्रिकेट में सुर्खियों में आने वाले खिलाड़ियों को करोड़पति बना दिया। पंचतारा होटल में लगी बोली में खिलाड़ियों की क्षमता के साथ न्याय नहीं किया गया, अन्यथा मैथ्यू हेडन को मनोज तिवारी, सुरेश रैना से कम पैसे नहीं मिलते। ब्रांड वेल्यू के आधार पर पैसा मिला है।
ऐसे खिलाड़ियों को ज्यादा पैसा दिया गया, जिनमें दर्शकों को आकर्षित करने की ज्यादा क्षमता है, जबकि सचाई यह है कि शेन वार्न और मुरलीधरन किसी भी खिलाड़ी के मुकाबले आकर्षित करने में कम नहीं हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा चिंता व्यक्त की गई है कि आईपीएल के इस प्रयास से आगे चलकर टीमों का संयोजन बिगड़ सकता है। हालाँकि बीसीसीआई ने आईसीसी को आश्वस्त किया है कि विभिन्ना टीमों के भविष्य में निर्धारित कार्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन असलियत यह है कि बाजार खेल से प्रभावित हो जाएगा।
जब खिलाड़ी देखेंगे कि देश के लिए खेलने से कहीं ज्यादा पैसा इस प्रकार की लीग में शुरू होने वाले खेल बाजार में मिल सकता है, तो वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर अपनी सेवाएँ लीग को देंगे। इसका प्रमाण यह है कि ऑस्ट्रेलिया को पाकिस्तान का दौरा करना है। इस बात को एंड्रयू साइमंड्स जानते थे।
इसलिए उन्होंने ऑस्ट्रेलियन बोर्ड की आपत्ति के बावजूद नीलामी से पहले घोषणा कर दी कि वे पाकिस्तान के दौरे में नहीं जाएँगे। इस घोषणा ने बोली में उनकी कीमतों को बढ़ावा दिया। इतना बढ़ा दिया कि उन्हें 5.4 करोड़ रुपए में हैदराबाद ने खरीदा, यह बात अलग है कि बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण-पत्र न मिलने के कारण साइमंड को लीग में खेलने की अनुमति नहीं मिलेगी।
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