मुख्य पृष्ठ > सामयिक > विचार-मंथन > विचार-मंथन
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
क्रिकेट-पिच को बाजार न बनाएँ
- विष्णुदत्त नागर

बाजारों की श्रृंखला में खिलाड़ियों की नीलामी का नया नाम है आईपीएल। मुंबई में पहले दौर की नीलामी में आठ टीमों ने बोली लगाई। महेन्द्रसिंह धोनी के सबसे अधिक 6 करोड़ रुपए लगाए तो मंगलवार की नीलामी में ऑस्ट्रेलिया के जेम्स होप्स की 1 करोड़ 20 लाख की बोली लगी।

पूँजी प्रबंधन क्षेत्र के गुरु वारेन बुफेट के वशब्दों में 'कीमत वह है, जिसका हम भुगतान करते हैं और वस्तु की मूल्य उपयोगिता वह है, जो हम पाते हैं'। आज स्थिति यह है कि देश के पूँजी बाजारों से लेकर क्रिकेट के खिलाड़ियों तक और रीयल इस्टेट से लेकर मानव संसाधनों तक के बाजारों में प्रत्येक असेट की कीमत उसके उचित मूल्य से अधिक दी जा रही है।

अतिमूल्यांकन की यह प्रवृत्ति भी शेयर बाजार में ही नहीं, बल्कि रिटेल व्यवसाय और घरेलू बाजार के अनेक क्षेत्रों में भी पाई जा रही है। असल में अतिमूल्यांकन का यह ऐसा आशावादी बुलबुला है, जहाँ लोगों ने केवल वर्तमान के लिए ही जीना शुरू कर दिया है और अतीत व भविष्य को गौण स्थान देना शुरू कर दिया है।

वर्तमान में भारतीय बाजार में मूल्य-प्राप्तियाँ (पी/ई) गुणक 19 है। अर्थात उचित मूल्य से वस्तु और सेवाओं की प्राप्तियाँ 19 गुना अधिक हैं, जबकि कोरिया में यह गुणक 12 और चीन में 15 है। क्रिकेट के खेल में भी यही हुआ जहाँ कुछ खिलाड़ियों की उचित मूल्य से बहुत ज्यादा और कुछ खिलाड़ियों की कम बोली लगी।

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि 3 वर्ष पूर्व ही हमारे बाजारों का मूल्यांकन बहुत नीचे था, परंतु भला हो व्यापार चक्र का कि इसने वस्तु बाजार से लेकर क्रिकेट को भी अपने गिरफ्त में ले लिया।

मुंबई देश की विचित्र व्यावसायिक नगरी है, जहाँ वस्तु से लेकर क्रिकेट के खेल तक के अनेक बाजार हैं। शेयर बाजार, विदेशी मुद्रा बाजार, वायदा बाजार समेत बीमा, जहाजरानी, आयात-निर्यात, भारतीय रिजर्व बैंक और सार्वजनिक बैंकों के मुख्यालय हैं।

बाजारों की श्रृंखला में खिलाड़ियों की नीलामी का नया बाजार खुला, जब मुंबई के एक सुसज्जित होटल में देश के सबसे लोकप्रिय खेल के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों की बोली लगी। पहले दौर की इस नीलामी में 8 टीमों ने बोली लगाई। महेन्द्रसिंह धोनी की सबसे अधिक 6 करोड़ रुपए की बोली लगी। इस नीलामी में 32 भारतीय खिलाड़ियों में से 30 की बोली 1 करोड़ से ज्यादा लगाई गई।

बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों और फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों ने भी इस नीलामी में अपना दाँव लगाया। इसी तरह दूसरे दौर की नीलामी में ऑस्ट्रेलिया के जेम्स होप्स की बोली 1 करोड़ 20 लाख लगी।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में पुणे में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की कोलकाता फ्रेंचाइजी के मालिक और बॉलीवुड सुपर स्टार शाहरुख खान ने अभिजीत कदम स्मारक फुटबॉल कप के उद्घाटन के अवसर पर स्वीकार किया कि 'कारोबार' आज की दुनिया में बहुत महत्वपूर्ण है। क्रिकेट व्यावसायिक रूप से सफल है।

इस खेल से पैसे कमाने की जरूरत है ...मुझे क्रिकेट से पैसा कमाने की जरूरत है, फिर इसके बाद मैं किसी अन्य खेल में जाऊँगा। नीलामी के नए बाजार में आईपीएल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को आइकॉन की श्रेणी देने के मामले में उद्देश्य यह था कि उनका कद ऊपर रखना था, लेकिन इस मामले में खिलाड़ियों का नुकसान है।

हैदराबाद टीम के कप्तान बने वीवीएस लक्ष्मण ने टीम के हित में आइकॉन बनने से इंकार कर दिया था। इतना ही नहीं चेन्नाई टीम का कोई आइकॉन था ही नहीं। इसलिए आइकॉन को जो पैसा मिला उन्हें नहीं मिल सका। उल्लेखनीय है कि बोर्ड द्वारा एक सत्र का प्रसारण अधिकार बेचने से 3692 करोड़ रुपए और टीमों की फ्रेंचाइजी बेचने से 2872 करोड़ रुपए आय करने का अवसर मिला है।
1 | 2 | 3  >>  
और भी
मुख्यधारा से जुड़ता मुसलमान
मप्र के योजनाकार गुजरात से सीखें
...तो टीवी देखना कम करो
...उतनी बुरी नहीं है दुनिया
आँखों को चुभती किरकिरी
...वरना चित्रों में ही दिखेंगे टाइगर