हिंदी ब्लॉगिंग के भविष्य को आप किस रूप में देखते हैं।
बहुत ही सुनहरा भविष्य है. लोग हर पल जुड़ रहे हैं. आज लोग एग्रिगेटर्स के माध्यम से एक-दूसरे को जान रहे हैं, पढ़ रहे हैं। कल यही काम कुछ फीड बर्नर्स के माध्यम से होगा। शर्त है, निरंतर ऐसे ही कोशिश करते रहना होगा। इसमें कोई शक नहीं कि लोगों का इस ओर रुझान बढ़ रहा है और जिस विधा को लोग अभी आश्चर्य से देख रहे हैं, वही कल एक स्थापित सहज माध्यम होगी।
इंटरनेट युग के इस नए आविष्कार के बारे में आपका क्या विचार है।
एक अदभुत अहसास। कभी सोचते भी नहीं थे कि इस तरह से कोई संभावना जन्म लेगी। कितने ही बेहतरीन विचारों वाले लेखन में समृद्ध लोग अपनी बात बिना कहे या डायरी के पन्नों में दर्ज कर चले गए. भविष्य में इस आविष्कार के माध्यम से यह दरवाजा सबके लिए खुला है. लेखन को एक नया आयाम मिलेगा और हर सोच एवं विचार को विस्तार की एक संभावना.
क्या आपको लगता है कि ब्लॉगिंग से हिंदी भाषा का विकास होगा।
निश्चित तौर पर भाषा का विकास तो होगा ही. जैसे-जैसे यह प्रसार पाएगा, एक सहज प्रक्रिया के तहत हिंदी का भी विकास तो होगा ही।
हिंदी ब्लॉगिंग में क्या कमियाँ हैं, जो दूर होनी चाहिए।
अभी मुझे लगता है कि ब्लॉगिंग के माध्यम से जो वैचारिक विवाद उत्पन्न हो जाते हैं, लोग उसे व्यक्तिगत विवाद मानकर लड़ने लग जाते हैं. विचारों के मतभेद को व्यक्तिगत मतभेद से अलग रखकर जब वैचारिक स्तर पर ही बहस की जाएगी, तब एक बेहतर और स्वस्थ वातावरण का निर्माण होगा, जो ब्लॉगिंग को एक बेहतर दिशा देगा.
हिंदी ब्लॉगिंग में किन विषयों पर नहीं लिखा जा रहा है, जो कि आपके अनुसार लिखा जाना चाहिए।
मुझे लगता है कि अभी बहुत से विषय बाकी हैं, जिन पर बिल्कुल भी नहीं लिखा जा रहा है जैसेकि युवाओं के लिए करियर का मार्गदर्शन, नए पाठ्यक्रमों के विषय में जानकारी, शहरों और देशों के विषय में जानकारी, सामान्य-ज्ञान के विषयों पर, अलग-अलग संस्कृतियों के बारे में। बहुतेरे ऐसे विषय हैं, जिन पर लिखा जाना शुरू होना चाहिए। उम्मीद है, जल्द ही इन पर भी लिखा जाएगा।
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