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पाठकों के पत्र (प्रतिक्रियाएँ)
आपका हिंदी का फॉन्‍ट पहले से खराब है। इसे पढ़ने में बहुत दिक्‍कत आ रही है। इसके पहले वाला फॉन्‍ट ज्‍यादा बेहतर था। उसे आसानी से पढ़ा जा सकता था। पहले वेबदुनिया और नईदुनिया बाजार के अन्‍य पोर्टलों के मुकाबले ज्‍यादा पठनीय था। कृपया इस फॉन्‍ट को बदलकर कोई दूसरा फॉन्‍ट इस्‍तेमाल करें।

संदीप फडके

वेबदुनिया का यह परिवर्तन बहुत ही सुखद है। लेकिन शायद फॉन्‍ट का आकार कुछ छोटा है। इस वजह से इसे पढ़ने में भी दिक्‍कत आ रही है। कृपया इसका आकार थोड़ा बड़ा करें। जैसेकि मनोरमाऑनलाइन या मलयालम सिफि वाले देते हैं। मैं तीस वर्षीय हूँ और तब भी आसानी से पढ़ नहीं पा रहा हूँ। कृपया मेरे सुझाव पर विचार करें।

विनोद

वेबदुनिया का यह नया रंग-रूप बहुत पसंद आया। कृपया आप अपने पोर्टल पर कमोडिटी न्‍यूज और उससे जुड़ी रिपोर्ट भी दें। धन्‍यवाद।

हरजीत सिंह

आप लोग बहुत प्रशंसनीय काम कर रहे हैं। भारतीय भाषाओं के माध्‍यम से आप लोगों को आपस में जोड़ने का काम कर रहे हैं। एक सुझाव है कि आप और बड़े पैमाने पर राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के समाचार अपने पोर्टल पर प्रकाशित करें। वैसे आपका प्रयास सचमुच ही बहुत सराहनीय है।

नसीर हाशमी


मैं वेबदुनिया का नियमित पाठक हूँ। पिछले दो दिनों से मैं काफी परेशान था क्‍योंकि मैं आपकी साइट नहीं देख पा रहा था। लेकिन जब आज मैंने आपकी साइट देखी और तो मेरे आश्‍चर्य और प्रसन्‍नता का ठिकाना नहीं रहा। वेबदुनिया का नया रूप-रंग बहुत अच्‍छा है। मेरी शुभकामनाएँ। आप ऐसे ही प्रगति करते रहें।

गिरीश परीक

वेबदुनिया के नए संस्‍करण पर मेरी ओर से ढेरों बधाइयाँ। कृपया पुराने वेबदुनिया में जो तंत्र-मंत्र था, वह अब उसी रूप में नजर नहीं आ रहा है। कृपया उसे भी देने का कष्‍ट करें। मुझे बहुत असुविधा हो रही है।

राकेश तिवारी

प्रिय संपादक महोदय,
मुझे आपकी साइट वेबदुनिया बहुत पसंद है और मैं इसकी नियमित पाठिका हूँ। वेबदुनिया का नया रूप बहुत अच्‍छा है। मुझे बहुत खुशी हो रही है। इसके लिए आपको ढेरों बधाइयाँ और धन्‍यवाद भी।

शुभलता जैन

वेबदुनिया का यह नया लुक अच्‍छा है, पर पता नहीं क्‍यूँ, मुझे यह बहुत ज्‍यादा पसंद नहीं आया। यह बहुत धीमे चलता है। मेरे ख्‍याल से शायद पहले वाला लुक ही ज्‍यादा अच्‍छा था।

सतीश

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