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पाठकों के पत्र (प्रतिक्रियाएँ)
वेबदुनिया का मोहक पेज मेकअप देखकर मन प्रसन्न हो गया। आपका प्रथम प्रयास भी प्रशंसा के योग्य था। जब इंटरनेट पर हिंदी व अन्य भाषाओं में कुछ भी नहीं था, तब आपने भारतीयों के मन में आशा की किरण का संचार किया था. आपके पूरे संगठन को लाख-लाख बधाई. समस्त पाठकों को भी बधाई.

डॉ. मोहन गुप्‍ता (mohan_kumar4@webdunia.com)


मुझे वेबदुनिया का यह नया रूप-रंग बहुत पसंद आया। जब वेबदुनिया की शुरुआत हुई थी, तभी से मैं इसका नियमित पाठक हूँ। आप इसे और भी सुंदर-सजीला बनाएँ और पाठकों के बीच वेबदुनिया की लोकप्रियता और बढ़े। इन्‍हीं शुभकामनाओं के साथ।

अविनाश सूर्यवंशी


बेवदुनिया का यह नया संस्‍करण बहुत ही अच्‍छा और सुंदर है। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस नई शुरुआत पर मेरी ओर से ढेरों बधाइयाँ और शुभकामनाएँ स्‍वीकार कीजिए। नए संस्‍करण में से शायद चैट हटा दिया गया है। आप उसे फिर से शुरू करें।

राजेश तिवारी


वेबदुनिया का यह नया प्रारूप बहुत अच्‍छा है। लेकिन मुझे इसमें नईदुनिया की विशेष खबरें, इंदौर, मध्‍य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों की स्‍थानीय खबरें नहीं मिल पाती हैं। बहुत अच्‍छा होगा, यदि आप और अधिक मात्रा में स्‍थानीय खबरें भी दें।

अन्‍नदा

आप लोगों का काम सचमुच बहुत शानदार है। वेबदुनिया के इस नवीन कायाकल्‍प पर मेरी ओर से ढेर सारी बधाइयाँ स्‍वीकार करें। लेकिन आपको अपनी वेबसाइट पर और काम करने की जरूरत है। बधाइयों के साथ एक शिकायत भी थी कि मेरा ई-पत्र वाला अकाउंट ठीक से काम नहीं करता है। कृपया उसका भी समाधान करें।

दीप्ति पटेल

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