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पाठकों के पत्र (प्रतिक्रियाएँ)
आपने हिंदी यूनीकोड में वेबदुनिया को परिवर्तित करके बहुत ही सार्थक और सराहनीय काम किया है। पूरे वेबदुनिया परिवार को मेरी ओर से ढेरों बधाइयाँ। आशा है, आप भविष्‍य में इसमें और भी अच्‍छे-अच्‍छे परिवर्तन करेंगे।

एस.बी. ठाकर (sbthakar@gmail.com)


नया रंग-रूप बहुत ही लाजवाब और खूबसूरत लग रहा है।

हिम्‍मत सिंह भाटी (himmat_40@yahoo.co.in)


वेबदुनिया को नया प्रारूप देने के लिए बहुत सारी शुभकामनाएँ। हिंदी का फॉन्‍ट इस बार के बजाय पहले वाला ही शायद अधिक बेहतर था। इस बार का शायद थोड़ा छोटा हो गया है। क्‍या आप फान्‍ट का आकार कुछ बड़ा कर सकते हैं। वैसे यह परिवर्तन सचमुच सराहनीय है।

ऊषा ओझा (usha_ojha@yahoo.com)


वेबदुनिया का नया-नवेला रूप बहुत मनभावन है। एक सुझाव मेरी ओर से। अजातशत्रु फिल्म संगीत पर पढे जाने वाले देश के सबसे चर्चित लेखक हैँ. नईदुनिया के गीत-गंगा स्तंभ को बहुत सराहा गया है। मेरा सुझाव यह है कि नौजवान पाठक इंटरनेट पर बहुत समय बिताता है. वेबदुनिया को अजातशत्रु के गीत-गंगा शीर्षक वाले कॉलम को पोर्टल पर भी लाना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि इससे एक बडा पाठक वर्ग आकर्षित होगा। एक बार फिर आपको नये कलेवर के लिये बधाई। साधुवाद।

संजय पटेल (sanjaypatel1961@gmail.com)


एक अपनापन-सा हो जाता है किसी स्वरूप के साथ। दरअसल हम पुराना रूप भी मिस कर रहे हैं। लेकिन इस नए पर भी आपको ढेरों बधाई। वेबदुनिया के नये रूप-रंग में आपकी सोच और आपका समर्पण दिख रहा है। इस उत्साह और रचनात्मकता के संगम पर आपको बधाइयाँ।

अशोक व्‍यास (Punditvyas@Yahoo.com)

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