वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने इस बात का पता लगा लिया है कि कुत्ते मांस खाना और हड्डी चबाना क्यों पसंद करते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक कुत्तों में लगभग 80 लाख वर्ष पहले बड़े शिकार पकड़ने के लिए ये आदत विकसित हुई और धीरे-धीरे उनके जबड़े मजबूत होते गए।
कनाडा के शहर ओटावा में 'इवोल्यूशनरी बायोलॉजी' पर 'फर्स्ट ज्वाइंट कांग्रेस' में डॉक्टर जोआओ मुनोज डोरान ने ये शोध प्रस्तुत किया है।
डोरान और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबिया स्थित उनके सहयोगियों ने कुत्तों का वंश-वृक्ष तैयार किया और उनकी 300 से ज्यादा प्रजातियों के बीच संबंध स्थापित किया।
डॉक्टर डोरान ने बीबीसी नेचर को बताया कि हमने अलग-अलग प्रजातियों की तुलना की जिनका आहार बहुत अलग-अलग था। वे कहते हैं कि हमने इन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जैसे जो 70 प्रतिशत से ज्यादा मांस खाते हैं, जो मांस के साथ ही शाकाहार भी करते हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा समय के कुत्ते उस श्रेणी में आते हैं, जो 70 प्रतिशत से ज्यादा मांस खाते हैं। शोध दल का कहना है कि मांस-भक्षण की यही आदत कुत्ते और लोमड़ी में फर्क करती है।
वे कहते हैं कि इन प्राणियों में पैने दांत और मजबूत जबड़ों का विकास तब आरंभ हुआ जब उन्होंने समूह में रहते हुए शिकार करना शुरू किया।
डॉक्टर डोरान कहते हैं कि अस्सी लाख वर्ष पहले एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में खुले पर्यावास थे जहां शिकारी जानवर बड़े-बड़े समूह में होते थे। सामूहिक शिकार की इस प्रवृत्ति की वजह से कई पीढ़ियों के बाद कुत्तों का कपाल एक खास आकार में विकसित हुआ।
कपाल के इस खास आकार की वजह से उनके दांत भी बड़े होते गए और उनका पैनापन बढ़ता गया, जो शिकार करने में मददगार साबित होते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि घरेलू कुत्तों को भी इसी वजह से मांस खाना और हड्डी चबाना पसंद होता है।