विचार-मंथन
मुख पृष्ठ » सामयिक » विचार-मंथन » विचार-मंथन » दामिनी : इस देस ना आना लाड़ो (Message for Damini on Facebook)
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सुधा अरोड़ा / वरिष्ठ लेखिका

मैंने पहले दिन ही कहा था -- मैं जिंदा रहना चाहती हूं !
मैं मरी नहीं हूं !
मुझे मरने देना भी मत !
देह छोड़ी है मैंने ,
रूह तुम सबके साथ है !
मुझसे पहले भी मुझ जैसी हजारों देह ज़लील हुई,
जलाई गयी , आत्महत्या करने पर मजबूर हुई !
उनकी रूहें भी सामने हैं !
इस लड़ाई को जीतकर ,
समाज को बेहतर बनाने की एक और शुरुआत हो !
समाज की स्वस्थ मानसिकता बने,
उसकी नींव गढ़ने के लिए
हम जैसी लाखों बहनों को चाहो तो शहीद कह देना !

मुकेश ठन्ना/ लोक कवि

कैसे बचायेंगे हम अपनी बिटिया को "
रीत बदली युग बदले
नहीं बदले मन के विकार ,,
कौन बन जाता है भेड़िया
पहचान नहीं पते हम इन्हें अपनों में
... हर जगह तैयार है दरिन्दे ,,
उसे नोचने को
कैसे बचायेंगे आज हम अपनी बिटिया को ,,
संस्कार बाजार का
बन गया ध्रतराष्ट्र
बिक जाता सब कुछ यहाँ
देख कर देह बिटिया की ,,
चीर हरण के नायाब नुस्खे
दीखते रोज चलचित्र घरों में
सुनता नहीं कृष्णा अब
तड़पती बिटिया की पुकार को

कैसे बचायेंगे आज हम अपनी बिटिया को ,,
( संकुल प्राचार्य महोदय श्री रामेश्वर चौहान सर द्वारा रचित एक रचना )

संजय पटेल / कलाधर्मी -

एक परिवार ने तो अपनी बेटी खोई है लेकिन यदि हम मानते हैं कि हमने भी आत्म-सम्मान और गरिमा के स्तर पर कुछ खोया है तो हमें सांकेतिक शोक के रूप में 31 दिसम्बर की रात की सारी पार्टियाँ और जश्न निरस्त कर देना चाहिये....यदि ऐसा नहीं हुआ और पूरा देश शराबनोशी और नाच में लिप्त रहा तो नारों-प्रदर्शनों को दोहरा मानदण्ड ही माना जाना चाहिये....यानी ये सबकुछ हमारे लिये एक फ़िज़ूल की चकल्लस और टाइम-पास है...मैं नया वर्ष नहीं मना रहा हूँ....आप ?


Ravi Kant / यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई

SHAME SHAME SHAME SHAME......Indian Policians JAGO JAGO...


Madhavi Shree/ लेखिका

Aao mil kar koshish kare ki us ladki ki shahadat bekaar na jaye........

Daxina Pathak/ वेब पत्रकार

Is des na aana laado...


अखबारों की साइट्स के हवाले से -

प्रधानमंत्री ने कहा है कि गैंग रेप पीड़ित की मौत को बेकार नहीं जाने देंगे। क्या आपको भी लगता है कि इस घटना के बाद देश, समाज और कानून बदलेगा? या फिर तमाम पिछले मामलों की तरह इस बार भी हमारी संवेदनाएं वक्त बीतने के साथ मर जाएंगी? चुप्पी तोड़िए, जवाब दीजिए....

Arundhati Amdekar/ वेब पत्रकार

ज़ुल्म को रोकना होगा, इससे पहले कि हमें खुद को भारतीय कहने पर शर्म आने लगे.... :( आज का दिन एक और दुखद वार्ता के साथ शुरू हुआ... :(


India Against Corruption

Salute to the Brave Girl. We will always remember your Pain, Struggle and Courage-You taught us how to fight back for our Rights and Justice..Salute..May our Hero rest in peace, and may God give her family strength

Bodhi Sattva

रोने और सोचने का समय है
मैं तुम्हारे लिए रो रहा हूँ
और अपनी जिंदा बेटी के बारे में सोच रहा हूँ
पता नहीं कब तक रोता रहूँगा
पता नहीं कब तक सोचता रहूँगा।

Vivek Jain Kanthali

दामिनी की बिदाई सैनिक सम्मान के साथ हो - अखंड दामिनी ज्योति प्रज्वलित हो - जय जवान - जय किसान के पास ही .स्मारक बने .....

गौरव दुबे, इंजीनियर
Dear Ministers, whether you have 3 daughters or 7 daughters all of them are well protected by Z category security. Then how on earth you compare your daughters with other million common girls.

Sudha Arora :
सबको जगा कर सो गयी वो -- न्यूज़ चैनल पर एक गंभीर चर्चा के बीच जब दबंग-2 और नए साल पर नाच गाने के विज्ञापन आते हैं तो टी वी स्क्रीन तोड़ देने का मन होता है ! इस देश की विसंगति के पंजे हम अपनी गर्दन पर महसूस कर रहे हैं!
- Sarkar Tamrkar
समस्त भारतवासियों से निवेदन है कि कृपया वे दिल्ली सामूहिक बलात्कार की पीड़िता 'दामिनी' की मौत पर अपना विरोध दिखाते हुए आज शाम को 7 से 8 बजे तक कम से कम एक घंटे के लिए ब्लैक आउट करने मे हम सबका सहयोग करें। जितना ज्यादा हो सके इस मैसेज को शेयर करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाएं। लाइक मत कीजिए, बस शेयर करके ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं। समय- शाम 7 से 8 बजे तक।

आवश्यक सुचना ध्यान देवे व शेयर करे
दिल्ली में धारा 144 लागू है व सभी रास्ते बंद हैं...अगर आप जंतर-मंतर तक पहुंचना चाहते हैं तो आप बांग्ला साहब गुरुद्वारा पहुंचे...वहां आप अपनी मोटरबाइक पार्क कर सकते हैं वहां से 10 मिनट पैदल चलके आप जन्तर-मंतर पहुंच सकते हैं। ये फिलहाल दिल्ली में एकलौता मार्ग खुला हुआ है जंतर-मंतर तक पहुचने के लिए....

Pawan Jain
दामिनी तुम्हारी मौत बेकार नहीं जाएगी !
बात चली है तो दूर तलक जाएगी,!!
नहीं होगा बिना परिणाम इसका खात्मा !
शोकाकुल है मेरी और सारे देश की आत्मा !!
नमन है उस ज़ज्बे को जिसने इतने दिन मौत को मात दी !!भावभीनी श्रद्धांजली!!

Piyush Dixit

आखिर दिल्ली गैंग रेप की पीड़‍िता ने दम तोड़ ‍‍दिया। क्या वाकई उसने सिंगापुर में ही दम तोड़ा है या फिर दम तो यहीं तोड़ा और सिर्फ दिखावे के लिए उसे सिंगापुर ले गए। ये भारत है दोस्तों, लीबिया या मिस्र नहीं। वरना अब तक तो संसद खाली हो चुकी होती। सारा देश, न्यूज चैनल और तथाकथित बुद्धिजीवी रातभर से कह रहे हैं देश शर्मसार है, फिर भी तिरंगा पूरा लहरा रहा है। अगर नेता, मंत्री मरा होता तो राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया होता लेकिन आज तो वाकई तिरंगा झुक जाना चाहिए। हमारे देश के सर्वोच्च पर पर आसीन महानुभाव कब जागेंगे और तुरंत निर्णय लेंगे। अपने मतलब के बिल तो संसद में ध्वनिमत से पारित हो जाते हैं लेकिन आज जब वाकई ध्वनिमत की जरूरत है, तो संसद क्यों चुप है, क्या किसी नेता-मंत्री की बेटी के साथ हादसा होने का इंतजार कर रही है संसद?
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