पत्थरों को हटाते बढ़ना जिंदगी

लव-मंत्र

ND| Last Updated: गुरुवार, 26 नवंबर 2009 (13:03 IST)
ND
ND
हेलो दोस्तो, जब हम खुश होते हैं तो हमें गुमान भी नहीं होता कि हमारे हिस्से गम भी आएगा। खासकर उसी व्यक्ति या उन्हीं कारणों से जिनसे हमने अथाह आनंद उठाया हो। शायद हम भूल जाते हैं कि इस दुनिया में कोई भी चीज स्थायी नहीं है। दरअसल, किसी भी बदलाव को टाला नहीं जा सकता। हाँ, जो स्थायी दिखता है उसका हम मात्र सार पकड़े आगे बढ़ते रहते हैं। अगर हम उसे बारीकी से देखें तो उसकी पूर्णता कहीं खो चुकी होती है। जब हमारे चाहे-अनचाहे हालात बदल जाते हैं तो हम उस समय क्या कहते हैं-जो होता है अच्छे के लिए होता है।

यदि ठंडे दिल से इसका विश्लेषण करें तो किसी न किसी रूप में ऐसा कहना ठीक ही माना जाएगा। पर अगर हम उस बदलाव को स्वीकार करने से इनकार करें तो हमारी परेशानी बढ़ती जाती है। हमारा आगे बढ़ने का रास्ता अवरुद्ध होता जाता है। सच तो यह है कि सब कुछ आगे बढ़ जाता है और हम वहीं के वहीं रुके रह जाते हैं। ऐसा ठहराव सही नहीं है। यह हमारे विकास में बहुत बड़ी बाधा है।
ऐसी ही परिस्थिति में फँसकर पिछड़ गई हैं उन्नति। उन्नति जी एक छात्रा हैं। कॉन्वेंट से पढ़ाई की है। पिता और बड़ी बहन 'ए' श्रेणी की नौकरी कर रहे हैं। उन्हें एक कस्टमर एक्जीक्यूटिव से फोन फ्रेंडशिप हो गई। मिलने पर सारा हवाई महल ढह गया। कई जटिलताओं के बाद अब वह रिश्ता उन्नति के लिए नासूर बन गया है क्योंकि उसके दोस्त ने शादी कर ली है और उसने बड़ी शान से कहा कि तुम केवल टाइम पास थी पर उन्नति इस रिश्ते को भुला नहीं पाती है। साथ ही, उसे अपमान भी महसूस होता है। आज उसे लगता है कि इस रिश्ते से निकलने के लिए शायद उसे किसी मनोचिकित्सक की मदद चाहिए।
उन्नति जी, जितना कुछ आपने लिखा है, उससे तो ऐसा कुछ भी नहीं झलकता कि उस व्यक्ति को इतना याद किया जाए। ऐसी क्या अच्छाई थी जिसको याद करके आप तड़प रही हैं और आप उसे भूल नहीं पा रही हैं। क्या आपसे उसका अपमान नहीं भुलाया जा रहा है? यदि हम किसी व्यक्ति को नहीं जानते हैं तो फोन फ्रेंडशिप द्वारा टाइम पास चलो अच्छी बात है लेकिन मिलने के बाद नापसंद रिश्ते को आगे बढ़ाना बहुत ही बेवकूफी भरा कदम था। खैर, यह तो आप कर चुकीं।
जब आप उससे मिलीं तो आपको वह किसी भी दृष्टि से आपके लायक नहीं लगा और आपने उसे हिकारत से देखा व अस्वीकार किया। फिर उसने भी खूब भावुक बातें कह-कहकर अपनी जाल में आपको फँसाया। यह प्यार नहीं था और यह उसका बदला लेने का एक तरीका था क्योंकि आपके द्वारा अस्वीकार किए जाने को उसने अपने अहम (ईगो) से लगा लिया था। उसके बाद शादी की बात छुपाकर उसने अपनी बेइज्जती का बदला पूरा किया। उसके दिमाग में था कि वह आपसे अपनी बेइज्जती का पूरा बदला ले वरना जिसने प्यार किया हो वह ऐसी बातें करके अपनी दोस्त को आहत तो नहीं कर सकता।
अब आप अनुभव से भरी हुई एक समृद्ध लड़की हैं। वैसे व्यक्ति के लिए आँसू बहाना जो सामाजिक, बौद्धिक और मानसिक रूप से लल्लू हो, शोभा नहीं देता है।
उन्नति जी, आप किस बात के लिए घुली जा रही हैं? जिस व्यक्ति को आप अपने लायक ही नहीं समझती थीं और जो अपने व्यवहार और चरित्र में भी सही नहीं है उसे आप किस बात के लिए याद करती हैं। दोनों का हिसाब-किताब बराबर है। दोनों ही अपने-अपने अंदाज में एक-दूसरे को नीचा दिखा चुके। अब किस्सा खत्म। हमें रास्ते में चोर-उचक्के भी तो मिलते हैं। कई बार वे हमारी बेहद पसंदीदा और कीमती सामान भी चुरा ले जाते हैं तो क्या हमें जीवन भर उसी वस्तु के लिए सीना पीटते रहना चाहिए। नहीं न! एक बात कहूँ आप भाग्यशाली हैं जो आपको इतनी कम उम्र में इतना गहरा और जटिल अनुभव हासिल करने का मौका मिला।
अब तो आपको समझ में आ गया न, रिश्ते में इस कदर नहीं चिपका जाता। थोड़ी दूरी भी रखनी पड़ती है। आप प्रयास करके किसी भी लड़की या लड़के से दोस्ती कर लें। याद रखें वे आपके जैसे वातावरण व वर्ग का हो ताकि आपके पास बातें करने को समान विषय व अनुभव हो। यदि कोई भी आपकी हॉबी हो तो उसे अपनाएँ। फिल्में देखें और नृत्य सीखें। अपने रंग-रूप में दिलचस्पी लें। अब आप अनुभव से भरी हुई एक समृद्ध लड़की हैं। वैसे व्यक्ति के लिए आँसू बहाना जो सामाजिक, बौद्धिक और मानसिक रूप से लल्लू हो, शोभा नहीं देता है। क्या आपका समय इतना फालतू है कि वह टाइम पास करके चला गया और आप अभी भी उसी के नाम पर अपना समय देती जा रही हैं ? जब भी आपके सामने कोई चैलेंज आए तो समझें कि विकास का बहुत बड़ा मौका हाथ लगने वाला है। एक तो हाथ लग ही गया कि आप थोड़ी परिपक्व हो गईं। आपको दूसरा कोई जल्दी बुद्धू नहीं बना पाएगा।
आपको अपने कैरियर पर भी इतना ध्यान देना चाहिए कि आप खुद पर गर्व कर सकें। दूसरों को लगे कि इसका सपना देखना आसान नहीं है। जीवन का मजा लें। खेलें-कूदें, खुशी मनाएँ। यदि आपको कोई काम-धंधा नहीं करना है तो शादी करके गृहस्थ जीवन अपनाएँ। लड़कियों के लिए तो यह भी एक काम है पर ऐसे नामालूम से व्यक्ति के लिए दुख मनाना कोरी नादानी। अपने आँसुओं का स्तर गिरने न दें। एक टूटे हुए रिश्ते को खराब अनुभव से ज्यादा जीवन में स्थान नहीं देना चाहिए। उन्नति जी, पत्थरों को हटाते हुए आगे बढ़ना ही जीवन है।
लव-मंत्र में आप किस तरह का मंत्र चाहते हैं, हमें लिख भेजिए।

हमारा ईमेआईडै : manasi.lovemantra@naidunia.com

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :