लघुगीत : प्यार की उपासना


तांका 10
 
 
तुम्हें याद है
रेत के घरौंदों में
सजे सपने
किताबों के अंदर
प्रेम की रुबाइयां।
 
पिघला चांद
चांदनी की सरिता
बहता रूप
अलसाई आंखों में
रुपहले सपने।
 
ओस में भीगे
हमारे अहसास
चांदनी रात
के उस पार
तेरा-सा अक्स दिखा।
 
नेह की भाषा
देह की परिभाषा
तुमसे शुरू
वासना से ऊपर
प्यार की उपासना।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :