रियो ओलंपिक का रंगारंग समापन, साक्षी मलिक बनीं ध्वजवाहक

Last Updated: सोमवार, 22 अगस्त 2016 (11:25 IST)
रियो डी जेनेरियो। रियो ओलंपिक का रंगारंग समापन समारोह हुआ। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थामस बाक ने रियो ओलंपिक खेलों के आधिकारिक समापन की घोषणा की। ओलिंपिक के समापन समारोह में कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक भारतीय दल की ध्वजवाहक बनीं। ध्वजवाहक दल में पुरुष और महिला हॉकी टीमों के पहलवानों और मुक्केबजों में शिव थापा और मनोज कुमार सहित लगभग 50 खिलाड़ियों ने खिलाड़ियों हिस्सा लिया। 
साक्षी ने रियो ओलिंपिक में भारत को पहला पदक दिलाया था, जबकि दूसरा पदक पीवी सिंधु ने दिलाकर भारत का सम्मान बढ़ाया। पीवी सिंधु स्वदेश वापस लौट चुकी थीं और इसी वजह से वो इस इवेंट का हिस्सा नहीं बनीं। गौरतलब है की भारत की पदक की अंतिम उम्मीद योगेश्वर दत्त के क्वालीफिकेशन राउंड में मंगोलिया के एम. गेंजोरिग के हाथों हारकर स्पर्धा से बाहर होने के बाद ध्वजवाहक दल में साक्षी के नाम की घोषणा की गई। साक्षी ने महिला कुश्ती के फ्रीस्टाइल 58 किग्रा वर्ग में रेपचेज के जरिए कांस्य पदक जीता था। उनके अलावा पीवी सिंधु ने भारत को महिला बैडमिंटन में रजत पदक दिलाया। भारत के दल प्रमुख राकेश गुप्ता ने कहा कि साक्षी और सिंधु दोनों ने इन खेलों के दौरान जबर्दस्त जज्बा दिखाया। साक्षी ने भारत का खाता खोला और फिर सिंधु ने पदकों की संख्या बढ़ाई। इसबार रियो में 119 खिलाड़ियों का दल भेजा गया था, जिसमें भारत को सिर्फ 2 मेडल मिले। 2 मेडल लेकर भारत ओलंपिक में 67वां स्थान पर रहा।
 
31वें रियो ओलंपिक का समापन समारोह बड़े ही शानदार तरीके के साथ हुआ। समापन समारोह ऐतिहासिक मारकाना स्टेडियम में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत बेहतरीन रंग-बिरंगी रोशनी के बीच हुई। कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति पेश की और ओलंपिक रिंग्स और क्राइस्ट द रिडीमर का आकार बनाकर स्टेडियम में खूबसूरत नजारा पेश किया।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष थामस बाक ने स्थानीय समयानुसार रविवार रात 10.30 बजे (भारतीय समयानुसार सोमवार सुबह 7 बजे) माराकाना स्टेडियम में टोक्यो में 2020 में मिलने के वादे के साथ इन खेलों का समापन किया। टोक्यो को 2020 ओलंपिक की मेजबानी दी गई है और उसने अपने प्रधानमंत्री शिंजो एबे के नेतृत्व में 32वें ओलंपिक खेलों की तैयारियों की अपनी झलक पेश की. बाक ने इस दौरान रियो के मेयर एडवडरे पेस से ओलंपिक झंडा लेकर टोक्यो की मेयर (गवर्नर) यूरीकी कोइके को सौंपा।
 
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थामस बाक ने खेलों के समापन की घोषणा की जिसके साथ 16 दिन चले खेलों के इस महासमर का आधिकारिक अंत हो गया जिसमें 42 खेलों में 205 देशों के 11000 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
 
खचाखच भरे ऐतिहासिक माराकाना स्टेडियम में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बाक ने कहा, 'मैं 31वें ओलंपियाड के खेलों के समापन की घोषणा करता हूं। परंपरा का पालन करते हुए मैं दुनिया भर के युवाओं से चार साल में जापान के तोक्यो में 32वें ओलंपियाड के जश्न के लिए जुटने का आग्रह करता हूं।' इससे पहले ओलंपिक ध्वज को उतारा गया और इसे अगले ओलंपिक खेलों के मेजबान तोक्यो 2020 के प्रतिनिधियों को सौंपा गया। बाक ने ध्वज तोक्यो की गवर्नर यूरिको कोइके को सौंपा।
 
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने आधुनिक तकनीक वाले इस शो के एक छोटे लेकिन प्रभावी हिस्से में 'सी यू इन तोक्यो' परफोर्मेंस के दौरान रोमांचक प्रवेश किया।
 
खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा संपन्न होने के बाद सर्द हवा और बारिश के बावजूद जश्न के माहौल का पूरा लुत्फ उठाया। लगभग तीन घंटे लंबे समापन समारोह के दौरान बारिश लगातार जारी रही लेकिन खिलाड़ियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा जो बरसाती के साथ उतरे और इस दौरान उनमें से कई गाना गाने के अलावा नाच रहे थे और सेल्फी ले रहे थे। खिलाड़ियों ने मैदान पर प्रवेश दिया तो परंपरा के अनुसार युनान की टीम सबसे पहले उतरी।
 
ब्राजील ने एक दिन पहले इसी स्टेडियम में जर्मनी को हराकर पहली बार पुरूष फुटबाल का स्वर्ण पदक जीता था और रियो 2016 के निर्णायक लम्हों के दौरान जब नेमार और उसेन बोल्ट जैसे खिलाड़ियों को दिखाया गया तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया।
 
आतिशबाजी के बीच 13 हिस्सों के समापन समारोह की शुरुआत हुई जिसमें ‘विमानन जगत के पिता’ माने जाने वाले सांतोस ड्यूमोंट को श्रद्धांजलि दी गई। माराकाना में दर्शकों का स्वागत किया गया। प्रोजेक्शन के जरिए उड़ते हुए पक्षी की नजर से मेजबान शहर रियो डि जिनेरियो के प्रसिद्ध हिस्सों को दिखाया गया जिसमें क्रिस्ट द रिडीमर, सुगरलोफ शामिल रहे और इसका अंत पांच ओलंपिक छल्लों के निर्माण के साथ हुआ।
 
इसके बाद संगीत छा गया। रियो के सांबा के आइकन मार्टिन्हो डा सिल्वा ने अपनी तीन बेटियों के साथ ‘कारिनहोसो’ पर सोलो परफोर्मेंस दी जो ब्राजील के सबसे लोकप्रिय गानों में से एक है। ब्राजील के राष्ट्रगान को 27 बच्चों ने गाया जो देश के 26 राज्यों और एक संघीय जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। खेलों के असल नायकों शरणार्थी ओलंपिक टीम सहित 207 टीमों के खिलाड़ियों ने एक साथ स्टेडियम में प्रवेश किया और एकजुटता तथा दोस्ती का संदेश दिया।
 
इलेक्ट्रोनिक म्यूजिक के सुपरस्टार काइगो और गायक-गीतकार जूलिया माइकल्स ने इसके बाद ‘कैरी मी’ गाने के साथ खिलाड़ियों की परेड का अंत किया। इसके बाद ब्राजील के आर्टिस्टों ने परफोर्म किया। अगले चरण में रियो में अहम लम्हों का दो मिनट का वीडियो दिखाया गया जबकि इसके बाद अंतिम स्पर्धा पुरूष मैराथन का पदक वितरण समारोह दिखाया गया।
 
तोक्यो 2020 को 11 मिनट 45 सेकेंड का कार्यक्रम समर्पित रहा जिसमें जापानियों ने आभार जताया और अपने जज्बे, प्रतिबद्धता, साहस और उम्मीद का प्रदर्शन किया जिससे चार साल के समय में और बड़ी सफलता हासिल की जा सके। इसके बाद आधिकारिक प्रोटोकाल स्पीच दी गई । माराकाना स्टेडियम में हुई आतिशबाजी ने इसके बाद रात के समय रियो के आकाश को जगमगा दिया और अंत में ओलंपिक मशाल को बुझा दिया गया जिससे खेलों के इस महासमर को अंतिम विदाई दी गई।
 
बाक ने इस दौरान स्वयंसेवकों, खिलाड़ियों और पहली बार आलंपिक में हिस्सा ले रही शरणार्थी ओलंपिक टीम को धन्यवाद दिया।
 
उन्होंने कहा, ‘आपने, दुनिया भर के खिलाड़ियों ने हमें दुनिया को एकजुट करने में खेलों की ताकत दिखाई। एक साथ मिलकर हम और आगे जा सकते हैं। एक साथ मिलकर हम उंचा लक्ष्य बना सकते हैं। अपनी विविधता में हम एकजुट हैं, हम मजबूत हैं।’ उन्होंने कहा, ‘धन्यवाद, प्रिय शरणार्थी खिलाड़ियों। आपने अपनी प्रतिभा और मानवीय भावना से हमें प्रेरित किया। आप दुनिया भर के लाखों शरणार्थियों के लिए उम्मीद की किरण हो। आप इन ओलंपिक के बाद भी हमारे साथ रहेंगे। (भाषा)
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