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कविता : लाज अपने देश की सबको बचाना है...

शुक्रवार,जनवरी 27, 2017
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जन-गण-मन : पढ़ें 8 विशेष बातें

गुरुवार,जनवरी 26, 2017
रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित 'जन-गण-मन..' 27 दिसंबर, 1911 को राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था।
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13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान का उद्देश्य प्रस्ताव सभा में प्रस्तुत किया, जो 22 जनवरी 1947 को पारित ...
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मैं यह भी आशा करता हूं कि इस शुभ और आनंदमय दिवस के आगमन पर खुशियां मनाती हुई जनता अपनी जिम्मेदारी का अनुभव करेगी और ...
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हममें से प्रत्येक नागरिक किसी न किसी रूप में, प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से देश की सेवा कर सकता है, यदि वह चाहे तो।
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इस बात की विशेष सावधानी बरती जाती है कि चक्र दोनों ओर से साफ दिखाई दे। इसके उपरांत जरूरी आकार के तीन रंगों के तीन ...
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मैं राष्ट्रध्वज तिरंगा बोल रहा हूं। 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा के कक्ष में पं. जवाहरलाल नेहरू ने मुझे विश्व ...
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भारत, इंडिया, हिंदुस्तान, हिंदोस्तां या फिर भारतमाता...किसी भी नाम से पुकारें लेकिन हर भारतवासी के मन में भाव यही ...
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जन गण मन : हिन्दी अर्थ सहित

बुधवार,जनवरी 25, 2017
जन गण मन के उस अधिनायक की जय हो, जो भारत के भाग्यविधाता हैं!
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लगभग 2 दशक पुरानी इस यात्रा को सन् 1930 में एक सपने के रूप में संकल्पित किया गया और हमारे भारत के शूरवीर क्रांतिकारियों ...
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1947 में कहने को तो हम अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो गए किंतु विचारणीय बात यह है कि जिन कारणों से हमारे ऊपर विदेशियों ...
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26 जनवरी 2017 के दिन भारत की कुंडली कहती है वर्तमान सरकार को शासन चलाने में अधिक कष्ट आएगा। भारत आर्थिक परेशानी से ...
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26 जनवरी 2017 की रात्रि 8 बजे से शनि का भारत से प्रकोप हट जाएगा। भारत के राष्ट्रपति देश को संबोधित करेंगे। इस उद्बोधन ...
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अब्राहम लिंकन ने 19 नवंबर, 1853 को अपने भाषण में जनतन्त्र को परिभाषित करते हुए कहा था कि जनतंत्र ‘जनता के लिए, जनता ...
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अपने शोणित से मां ये अंतिम पत्र तुझे अर्पित है, मां भारती के चरणों में मां ये शीश समर्पित है। मां रणभूमि में पुत्र ये ...
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हमें आजादी है- पतिव्रता का मंगलसूत्र छीनने की, किसी वृद्धा को धोखा देने की, तेज गाड़ी गड्ढों में चलाकर दूसरों पर कीचड़ ...
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आम जनता पिस रही है और मां भारती खून के आंसू बहा रही है। वो बिलख-बिलख कर कह रही हैं कि कहां हैं मेरे प्यारे महात्मा ...
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कभी मैं गुलामी की जंजीरों में जकड़ी थी। मेरे सपूतों ने अपनी जान की बाजी लगाकर मुझे उन कठोर जंजीरों से मुक्त किया। उस समय ...
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प्रस्तावना : प्रत्येक स्वतंत्र राष्ट्र का अपना एक ध्वज होता है, जो उस देश के स्वतंत्र देश होने का संकेत है। भारत का ...
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गण+तंत्र - जनता और तंत्र (शासन-प्रशासन) या कहे जनता का तंत्र, जनता के लिए तंत्र चलिए कुछ भी कह लें, समझ लें पर यह बात ...
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