सोना-चांदी बनाने के 155 तरीके

अनिरुद्ध जोशी| Last Updated: गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018 (12:04 IST)
प्राचीन भारत के लोग स्वर्ण बनाने की विधि जानते थे। वे पारद आदि को किसी विशेष मिश्रण में मिलाकर स्वर्ण बना लेते थे, लेकिन क्या यह सच है? यह आज भी एक रहस्य है। प्राचीन भारत में बगैर किसी 'खनन' के बावजूद भारत के पास अपार मात्रा में सोना था। मंदिरों में टनों सोना रखा रहता था। सोने के रथ बनाए जाते थे और प्राचीन राजा-महाराजा स्वर्ण आभूषणों से लदे रहते थे।
कहते हैं कि बिहार की सोनगिर गुफा में लाखों टन सोना आज भी रखा हुआ है। मध्यकाल में गौरी, गजनी, तेमूर और अंग्रेज लूटेरे लाखों टन सोना लूट कर ले गए फिर भी भारतीय मंदिरों और अन्य जगहों पर आज भी टनों से सोना है। आखिर भारतीय लोगों और राजाओं के पास इतना सोना आया कहां से था?

इस संबंध में प्राचीन और मध्यकाल में हस्तलिखित दस्तावेज बहुत होते थे। उनमें से लाखों तो लुप्त हो गए या जला दिए गए। फिर भी हजारों आज भी किसी लाइब्रेरी में, संग्रहालय, आश्रम में या किसी व्यक्ति विशेष के पास सुरक्षित है। ऐसी ही एक हस्तलिखित पांडुलिपि या किताब के रहने वाले साधारण से व्यक्ति के पास सुरक्षित है। इस पांडुलिपि या किताब में सोना और चांदी बनाने की 155 विधियां हैं। इस संबंध में हमने नरेंद्र चौहान से बात की और उन्होंने हमें अद्भुत जानकारी दी। आप भी वीडियो देखें और जानें कि आखिर सोना बनाने का क्या रहस्य है।
सोना बनाने के प्राचीन उदाहरण
प्रभुदेवा, व्यलाचार्य, इन्द्रद्युम्न, रत्नघोष, नागार्जुन के बारे में कहा जाता है कि ये पारद से सोना बनाने की विधि जानते थे। कहा जाता है कि नागार्जुन द्वारा लिखित बहुत ही चर्चित ग्रंथ 'रस रत्नाकर' में एक जगह पर रोचक वर्णन है जिसमें शालिवाहन और वट यक्षिणी के बीच हुए संवाद से पता चलता है कि उस काल में सोना बनाया जाता था।

संवाद इस प्रकार है कि शालिवाहन यक्षिणी से कहता है- 'हे देवी, मैंने ये स्वर्ण और रत्न तुझ पर निछावर किए, अब मुझे आदेश दो।' शालिवाहन की बात सुनकर यक्षिणी कहती है- 'मैं तुझसे प्रसन्न हूं। मैं तुझे वे विधियां बताऊंगी जिनको मांडव्य ने सिद्ध किया है। मैं तुम्हें ऐसे-ऐसे योग बताऊंगी जिनसे सिद्ध किए हुए पारे से तांबा और सीसा जैसी धातुएं सोने में बदल जाती हैं।'

एक किस्से के बारे में भी खूब चर्चा की जाती है कि विक्रमादित्य के राज्य में रहने वाले 'व्याडि' नामक एक व्यक्ति ने सोना बनाने की विधा जानने के लिए अपनी सारी जिंदगी बर्बाद कर दी थी। ऐसा ही एक किस्सा तारबीज और हेमबीज का भी है। कहा जाता है कि ये वे पदार्थ हैं जिनसे कीमियागर लोग सामान्य पदार्थों से चांदी और सोने का निर्माण कर लिया करते थे। इस विद्या को 'हेमवती विद्या' के नाम से भी जाना जाता है।

सोना बनाने के आधुनिक उदाहरण
वर्तमान युग में कहा जाता है कि पंजाब के कृष्‍णपालजी शर्मा को पारद से सोना बनाने की विधि याद थी। इसका उल्लेख 6 नवंबर सन् 1983 के 'साप्ताहिक हिन्दुस्तान' में मिलता है। पत्रिका के अनुसार सन् 1942 में पंजाब के कृष्णपाल शर्मा ने ऋषिकेश में पारे के द्वारा लगभग 100 तोला सोना बनाकर रख दिया था।

कहते हैं कि उस समय वहां पर महात्मा गांधी, उनके सचिव महादेव भाई देसाई और युगल किशोर बिड़ला आदि उपस्थित थे। इस घटना का वर्णन बिड़ला मंदिर में लगे शिलालेख से भी मिलता है। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है, यह हम नहीं जानते।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

गलत समय में सहवास करने से पैदा हुए ये दो दैत्य, आप भी ध्यान ...

गलत समय में सहवास करने से पैदा हुए ये दो दैत्य, आप भी ध्यान रखें
शास्त्रों में सहवास करने का उचित समय बताया गया है। संधिकाल में उच्च स्वर, सहवास, भोजन, ...

क्या है राशि, किस राशि से कैसे जानें भविष्य, पढ़ें सबसे खास ...

क्या है राशि, किस राशि से कैसे जानें भविष्य, पढ़ें सबसे खास जानकारी
आकाश में न तो कोई बिच्छू है और न कोई शेर, पहचानने की सुविधा के लिए तारा समूहों की आकृति ...

9 ग्रहों की ऐसी पौराणिक पहचान तो कहीं नहीं पढ़ी...

9 ग्रहों की ऐसी पौराणिक पहचान तो कहीं नहीं पढ़ी...
भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में 9 ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चन्द्रमा, बुध, शुक्र, ...

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, ...

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, जानिए कैसे
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड 360 अंशों में विभाजित है। इसमें 12 राशियों में से प्रत्येक राशि के 30 ...

राजा हिरण्यकश्यप के अंत के लिए भगवान विष्णु ने किया था ...

राजा हिरण्यकश्यप के अंत के लिए भगवान विष्णु ने किया था पुरुषोत्तम मास का निर्माण
तेरहवें महीने के निर्माण के संबंध में किंवदंती है कि भगवान ब्रह्मा से राजा हिरण्यकश्यप ने ...

25 मई 2018 का राशिफल और उपाय...

25 मई 2018 का राशिफल और उपाय...
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। परीक्षा व साक्षात्कार में ...

25 मई 2018 : आपका जन्मदिन

25 मई 2018 : आपका जन्मदिन
दिनांक 25 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई ...

कैसे हुई थी प्रभु श्रीराम की मृत्यु

कैसे हुई थी प्रभु श्रीराम की मृत्यु
*5114 ईसा पूर्व प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था। उनकी मृत्यु के बारे में रामायण के अलावा ...

महापर्व पर्युषण क्या है, जानिए

महापर्व पर्युषण क्या है, जानिए
*पर्युषण का अर्थ है परि यानी चारों ओर से, उषण यानी धर्म की आराधना। श्वेतांबर और दिगंबर ...

शादी के इन उपायों से बेटी के लिए घर बैठे आएगा रिश्ता, आजमा ...

शादी के इन उपायों से बेटी के लिए घर बैठे आएगा रिश्ता, आजमा कर देखें
बेटी के लिए सुयोग्य वर की तलाश में माता-पिता चिंतित होने लगते हैं। समस्त प्रयासों के साथ ...

राशिफल