पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर क्या करें...


पुनः संशोधित मंगलवार, 14 अक्टूबर 2014 (10:09 IST)
पुष्य नक्षत्र का योग सभी प्रकार के दोषों को हरने वाला और शुभ फलदायी है। पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं। यह दिन अपने आप बहुत ही मंगलकारी माना गया है। 
 
 
यदि पुष्य नक्षत्र रविवार या गुरुवार को आ जाता है तो ऐसे रवि या गुरु पुष्यामृत योग में तंत्र साधना, मंत्र साधना, गुरु मंत्र ग्रहण, औषधि निर्माण एवं ग्रहण और योग, उपासना शीघ्र फलदायी होती है। 
 
आइए जानते हैं इस दिन क्या करें :- 
 
* पुष्य नक्षत्र के शुभ दिन नए कार्यों की शुरुआत करें। 
 
* पीली एवं श्वेत वस्तुओं का क्रय करें।
 
* बहीखातों की पूजा करें व लेखा-जोखा भी शुरू करें।
 
* नए बर्तनों का क्रय और उपयोग करें।
 
* नया वाहन क्रय करने का यह सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है।
 
* स्वर्ण, रजत, बहुमूल्य रत्न, आभूषण आदि भी क्रय करना चाहिए। इस दिन जो कीमती वस्तुएं क्रय की जाती हैं, वे वर्षभर लाभकारी होती हैं। 
 
* अपने घरों में सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय मां लक्ष्मी के सामने घी से दीपक जलाएं।
 
* किसी नए मंत्र की जाप की शुरुआत करें।  * पीली एवं श्वेत वस्तुओं जैसे दाल, खिचड़ी, चावल, बेसन, बूंदी की लड्डू आदि का सेवन भी करें और यथाशक्ति दान करें।> >  

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