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बसंत पंचमी पर भोजशाला में सरस्वती आराधना
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केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन
भोजशाला ऐतिहासिक इमारत होने के नाते केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन होकर संरक्षित है। इस इमारत के लिए केंद्र सरकार के मंत्रालय ने विशेष निर्देश जारी कर रखे हैं, जिसके तहत यहाँ वर्ष में एक बार बसंत पंचमी के दिन हिंदू समाज को पूजा-अर्चना की अनुमति है। जबकि प्रति मंगलवार को हिंदू समाज के लोग अक्षत के कुछ दाने व पुष्प लेकर सूर्योदय से सूर्यास्त तक निःशुल्क प्रवेश कर प्रार्थना कर सकते हैं।

कैसे पहुँचें
मप्र के प्राचीन धार नगर में भोजशाला के अवलोकनार्थ बहुत ही आसानी से पहुँचा जा सकता है। प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर से प्रति 15 मिनट में बस उपलब्ध है। 60 किमी दूर का यह सफर इंदौर से डेढ़ घंटे में पूरा हो जाता है। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धार नगरी पहुँचने के लिए रतलाम रेलवे जंक्शन से 92 किमी की दूरी है। मांडू आने वाले यात्रियों के लिए यह पहला पड़ाव होता है। जबकि गुजरात से इंदौर जाने वाले बस यात्रियों के लिए भी पूर्व का पड़ाव है। धार के बस स्टेंड से भोजशाला पैदल या ऑटो रिक्शा से बहुत आसानी से पहुँचा जा सकता है।
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