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इन मंत्रों से करें नवग्रहों की उपासना, मिलेगा जीवन का हर सुख...

मंगलवार,जनवरी 2, 2018
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कलियुग के अजर-अमर चिरंजीवियों में से एक श्रीराम भक्त हनुमानजी का जन्म दीन-दु:खियों के कष्ट हरने के लिए ही हुआ है। अगर ...
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बजरंग बली कलयुग के शीघ्र ही प्रसन्न होने वाले देवता हैं। प्रभु श्रीराम और हनुमानजी का मात्र स्मरण करने से ही उनकी कृपा ...
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श्री शनिदेव सूर्य देव के पुत्र तथा मृत्युलोक के ऐसे स्वामी (अधिपति) हैं, जो समय आने पर व्यक्ति के अच्‍छे-बुरे कर्मों के ...
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धार्मिक ग्रंथों में मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा का बड़ा ही महत्व बताया गया है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान ...
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वैसे तो हर मनुष्य को हमेशा ही दत्त भगवान का स्मरण करना चाहिए। विशेष कर अमावस्या और पूर्णिमा के दिनों तो दत्त नाम की ...
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तीनों ईश्वरीय शक्तियों से समाहित भगवान दत्तात्रेय सर्वव्यापी हैं। उनकी उपासना से मनुष्य को बुद्धि, ज्ञान और बल की ...
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धार्मिक पुराणों एवं ज्योतिष के अनुसार अगर आपकी जन्मकुंडली में पितृ दोष हो ‍तो उसकी शांति के लिए श्रीकृष्ण-मुखामृत गीता ...
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हम हमेशा सुनते आए हैं कि जो आया है उसका जाना तय है लेकिन असमय मृत्यु या शारीरिक पीड़ा को यदि टाला जा सकता है तो इससे ...
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ॐ इस एकाक्षर मंत्र में तीनों गुणों से अतीत, सर्वज्ञ, सर्वकर्ता, द्युतिमान सर्वव्यापी प्रभु शिव ही प्रतिष्ठित हैं। ईशान ...
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यदि आप किसी भी तरह के कोर्ट/कचहरी के मामले में फंस गए हैं और आप निर्दोष हैं तो आपके लिए यहां प्रस्तुत है लाल किताब का ...
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तंत्र में देवी, यक्षिणी, पिशाचिनी, योगिनी आदि अनेक दिव्य शक्तियों की साधना का जिक्र मिलता है। साधना के दो मार्ग है एक ...
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शनिवार, 18 नवंबर को शनि अमावस्या के दिन एक विशेष शुभ संयोग 'शोभन योग' निर्मित हो रहा है। यह संयोग न केवल शनि दोषों से ...
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हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का दिन माना जाता है। चतुर्दशी ...
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हमारे धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मंत्रों का जाप करने से मनुष्य को आध्या‍त्मिक शक्ति प्राप्त होती है। मंत्र जाप निष्ठा ...
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रविवार, बुधवार और गुरुवार ये 3 दिन भैरवनाथ के माने गए हैं। इन दिनों कोई भी उपाय करने से भैरव प्रसन्न होकर अपने भक्त को ...
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ज्योतिष शास्त्रों में कुछ ऐसे आसान से उपाय दिए गए हैं, जिनको आजमा कर हम जीवन में सफल हो सकते है। अपना मनपसंद जीवनसाथी ...
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भैरव कलियुग के जागृत देवता हैं। श्री भैरव के अनेक रूप हैं जिसमें प्रमुख रूप से बटुक भैरव, महाकाल भैरव तथा स्वर्णाकर्षण ...
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क्या आप अपनी वर्तमान नौकरी से खुश नह‍ीं है? क्या आप नौकरी बदलना चाहते हैं? क्या आप भी नौकरी की तलाश में है? खास आपके ...
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जिन व्यक्तियों की जन्मकुंडली में शनि, मंगल, राहु आदि पाप ग्रह अशुभ फलदायक हों, नीचगत अथवा शत्रु क्षेत्रीय हों। शनि की ...
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