रामेश्वरम् तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग समंदर किनारे स्थित हैं। यहाँ पर स्वयं श्रीराम ने भगवान शंकर की पूजा की थी। रावण के साथ युद्ध में कदाचित कोई पाप न हो जाए इसलिए भगवान राम ने मंदिर में शिवजी की आराधना की थी। रामेश्वरम् हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थानों में से एक है। हिंदू धर्म का हर अनुयायी अपने जीवन में एक बार इस मंदिर के दर्शन करने की अभिलाषा अपने मन में रखता है।
घृष्णेश्वर महाराष्ट्र में औरंगाबाद के नजदीक दौलताबाद से 11 किलोमीटर दूर घृष्णेश्वर महादेव का मंदिर स्थित है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। कुछ लोग इसे घुश्मेश्वर के नाम से भी पुकारते हैं। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएँ इस मंदिर के समीप ही स्थित हैं। इस मंदिर का निर्माण देवी अहिल्याबाई होलकर ने करवाया था। शहर से दूर स्थित यह मंदिर सादगी से परिपूर्ण है।
बैद्यनाथ यह ज्योतिर्लिंग झारखंड के देवघर नाम स्थान पर है। कुछ लोग इसे वैद्यनाथ भी कहते हैं। देवघर अर्थात देवताओं का घर। बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग स्थित होने के कारण इस स्थान को देवघर नाम मिला है। यह ज्योतिर्लिंग एक सिद्धपीठ है। कहा जाता है कि यहाँ पर आने वालों की सारी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। इस लिंग को 'कामना लिंग' भी कहा जाता हैं।
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