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जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के पालन में घमापुर-शीतलामाई मार्ग के अतिक्रमणों पर युद्धस्तरीय कार्रवाई जारी है। मंदिर के ट्रस्टी डॉ. रमाकांत रावत का कहना है कि यदि ठीक से नपाई की जाती तो ये स्थिति कतई न बनती। ऐसा इसलिए क्योंकि मंदिर बकायदे राजपत्र में प्रकाशित है। सरकारी रिकॉर्ड में इसका अस्तित्व 1944 से मिलता है लेकिन दरअसल, ये मंदिर अति प्राचीन है। यह पुरातात्विक महत्व का एशिया का संभवतः एकमात्र विशालतम शीतलामाई मंदिर है। इसके नाम एक वार्ड जाना जाता है।

इसके प्रति नागरिकों की गहरी आस्था है। 1974 में तत्कालीन ट्रस्टी क्षेत्रीय नागरिक मुन्नूलाल पुजारी, मिसरीलाल, सुदामा प्रसाद गर्ग व टेकचंद खरे ने इसका जीर्णोद्धार कराया था। इसकी गरिमा व ऐतिहासिक महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्टार टीवी के पापुलर गेम शो 'कौन बनेगा करोड़पति'में बिग बी अमिताभ बच्चन ने इससे जु़ड़ा सवाल किया था।

ऐसे मनोकामना पूरी करने वाले मंदिर को सड़क चौड़ीकरण की बलि नहीं चढ़ने दिया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त राकेश अयाची ने बताया कि सड़क की चौड़ाई के दायरे में मंदिर का 16 फुट हिस्सा आ रहा है लेकिन अभी मंदिर के ट्रस्टियों से फिलहाल बातचीत नहीं हुई है।

अतिक्रमणों पर युद्धस्तरीय कार्रवाई के इसके पहले चरण में सेन्टर प्वाइंट से दोनों तरफ चालीस-चालीस फुट सड़क का सीमांकन किया गया। जिसमें शीतलामाई मंदिर का सोलह फीट हिस्सा अतिक्रमण की जद में आया है। यदि इस पर बुलडोजर चला तो मंदिर महज पाँच-छह फुट ही बच पाएगा। मंदिर के ट्रस्टी इसके लिए तैयार नहीं हैं। उनका आरोप है कि गलत नापजोख के कारण ये स्थिति बनी है। लिहाजा, सरकार को चाहिए कि गलती सुधारे या फिर वैकल्पिक व्यवस्था करें।
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