कार्तिक पूर्णिमा हर की पौढ़ी सहित देशभर में पवित्र नदियों व सरोवरों में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगा कर मंदिरों व गुरुद्वारों में पूजा अर्चना की। दान-दक्षिणा देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस दिन नदियों में दीप दान भी किया जाता है। झिलमिल करते तैरते दीपों की छटा बड़ी मनोहारी दिखाई देती है।
उत्तरप्रदेश में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा समेत अन्य नदियों में स्नान किया और पूजा-अर्चना की। इलाहाबाद में भारी तादाद में श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई और मंदिरों में दर्शन पूजन किया। स्नान के लिए संगम क्षेत्र में अस्थायी घाटों का निर्माण किया गया था।
वाराणसी के घाटों पर भी आज श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया और मंदिरों में दर्शन किए। घाटों पर देव दिवाली का पर्व भी उल्लास के साथ मनाया गया। वाराणसी के आसपास के जिलों से भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए। स्नानार्थियों को असुविधा से बचाने के लिए दशाश्वमेध घाट से पहले ही वाहनों को रोक दिया गया।