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मुख पृष्ठ » धर्म-संसार » धर्म-दर्शन » समाचार » मिस्ट एंड हेजेज प्रदर्शनी में राधा-कृष्ण के चित्र
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किसी भी इंसान के व्यक्तित्व पर उसके परिवेश का विशेष प्रभाव पड़ता है। आस-पास का परिवेश बचपन से लेकर युवा होने तक हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करता है। मथुरा निवासी रघुवीर अकेला पर भी अपनी जन्मभूमि मथुरा का विशेष रूप से प्रभाव पड़ा। बचपन से ही उन्हें अपने आस-पास के परिवेश से राधा-कृष्ण के जीवन दर्शन एवं उससे संबधित साहित्य के बारे में जानने का मौका मिला। राधा कृष्ण के आलौकिक प्रेम की कथाएँ जो हमारे देश की संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। इन्हीं कथाओं से प्रेरणा ले कर कलाकार रघुवीर अकेला ने चित्रकारी की।

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अरबिंदो मार्ग स्थित धूमीमल आर्ट गैलरी में उनके एवं चित्रकार रामओंकार के चित्रों की प्रदर्शनी 'मिस्ट एंड हेजेज' लगी है। प्रदर्शनी के चित्रों में चित्रकार रघुवीर अकेला ने मथुरा की पृष्ठभूमि को उकेरते हुए चित्र रखे हैं। उनके चित्रों के साथ ही चित्रकार रामओंकार ने पौराणिक वास्तुकला के चित्र अपने कैनवास पर उकेरे हैं।

चित्रकार रघुवीर ने राधा-कृष्ण के प्रेम एवं उनके व्यक्तित्व की सुदंरता का अंकन कैनवास पर किया है। चित्रों में राधा कृष्ण के आलौकिक व्यक्तित्व के साथ-साथ उनके परिवेश संबधित पेड़-पौधे, फूल, पशु-पक्षियों को विषयवस्तु बना कर विशेष रूप से पेश किया गया है।

इन चित्रों में चित्रकार ने यह दिखाने का प्रयास किया है कि राधा-कृष्ण सिर्फ आपसी आकर्षण में नहीं बँधे थे, बल्कि उनके प्रेम में प्रकृति का भी विशेष योगदान था। इसके लिए उन्होंने खिल रहे फूलों, गाते हुए पक्षियों, नाचते हुए मोर आदि का अंकन किया है जो चित्रों में विषय के साथ प्रेम की अनुभूति भी पैदा करते हैं। इस प्रदर्शनी को 25 नवंबर तक देखा जा सकता है।
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