पवित्र बाबा अमरनाथ की गुफा में हिमलिंग अब आस्था के केंद्र के साथ ही अलगाववाद से सुलगते कश्मीर को शेष भारत से जोड़ने की मजबूत कड़ी बनता जा रहा है। जहाँ पूरे देश के हिन्दू पूरे साल अमरनाथ यात्रा शुरू होने की प्रतीक्षा करते हैं, वहीं कश्मीर की बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी भी इस यात्रा के दो महीनों की कमाई को अपने पूरे साल की आमदनी का सबसे बड़ा स्रोत मानती है। कहा जा सकता है कि बर्फानी बाबा अमरनाथ जम्मू-कश्मीर के लोगों जिनमें अधिकतर मुस्लिम हैं, के आर्थिक कल्याण का साधन भी बन गए हैं। यही वजह है कि कई बार आतंकियों की धमकी के बावजूद कश्मीरी अवाम ने यात्रा को ठप नहीं होने दिया। अब तो आतंकी गुट भी जन दबाव के आगे कमजोर पड़ गए हैं। उन्होंने यात्रा में बाधा डालने का इरादा छोड़ दिया है। श्रीनगर से बालटाल या जम्मू से पहलगाम और चंदनबाड़ी के रास्ते संगम होते हुए अमरनाथ पहुँचने वाले यात्रियों की पूरी सहायता, देखभाल, खाने पीने और ठहरने का इंतजाम सब स्थानीय कश्मीरी ही करते हैं। |