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मुनिश्री पूरबसागरजी का देवलोकगमन
जैन समाज में शोक की लहर

Munisri Purbsagrji
ND
आचार्य पुष्पदंतसागरजी महाराज के परम शिष्य मुनिश्री पूरबसागरजी का गुरुवार अलसुबह गुजरात में सड़क दुर्घटना में देवलोकगमन हो जाने से समग्र जैन समाज में शोक की लहर छा गई। आचार्यश्री एवं मुनिश्री पूरबसागरजी वर्षायोग के लिए वापी से मुंबई की ओर विहार कर रहे थे।

नवसारी के समीप सुबह करीब पाँच बजे एक ट्रक ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। आचार्यश्री पुष्पदंतसागरजी सुरक्षित है। मुनिश्री के देवलोकगमन से जैन संस्कृति की अपूरणीय क्षति हुई है। मुनिश्री के साथ ही सद्गति को प्राप्त हुए श्रावक दिलीप पाटनी के प्रति भी समाजवासियों ने संवेदना व्यक्त की है।
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