- सुरेश एस. डुग्गर अमरनाथ यात्रा विवादों से घिरती जा रही है। इसे लेकर जम्मू-कश्मीर के दोनों संभागों में आंदोलनों और प्रदर्शनों की तैयारी भी शुरू हो गई है। आम जनता को आशंका है कि कुछ लोग निजी स्वार्थों के चलते इस बार भी पर्यटन सीजन को अमरनाथ यात्रा पर विवाद पैदा कर उसकी भेंट चढ़ा देंगे। ताजा विवाद इसकी अवधि को लेकर है।कट्टरपंथी अलगाववादी भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। कश्मीर जमायते इस्लामी के मुखिया और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी गुट के नेता सईद अली शाह गिलानी ने भी इसकी अवधि 15 दिन करने की माँग करते हुए आंदोलन छेड़ने की बात कही है। वे कहते हैं कि यात्रा अवधि को बढ़ाने से कश्मीर का पर्यावरण बिगड़ रहा है। उनके मुताबिक अमरनाथ यात्रा सिर्फ पहाड़ों पर विनाश और गंदगी के ढेर ही ला रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। इस मामले को लेकर राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य सरकार को सौंपी रिपोर्ट में भी अमरनाथ यात्रा की अवधि को कम करने और अमरनाथ श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने की संस्तुति की है। |