सिख जगत के सर्वोच्च दार्शनिक, विचारक और विश्वविख्यात विद्वान पंथरतन स्व. ज्ञानी संतसिंहजी मसकीन द्वारा प्रारंभ किया गया वार्षिक गुरमत समागम 1 से 5 अप्रैल तक इंदौर, बेटमा और ओंकारेश्वर में एक साथ मनाया जाएगा। इसमें भाग लेने के लिए सिख कौम की धार्मिक मामलों की नीति निर्माता हस्तियाँ खास तौर पर आ रही हैं।
गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष सरदार गुरदीपसिंह भाटिया तथा महासचिव सरदार जसबीरसिंह गाँधी ने बताया कि इस बार समागम को संबोधित करने के लिए सिख पंथ की महान हस्तियाँ अकाल तखत साहिब अमृतसर साहिब के जत्थेदार सिंघ साहिब ज्ञानी जोगिंदरसिंहजी वेदांती, तखत आनंदपुर साहिबजी के जत्थेदार सिंघ साहिब ज्ञानी आदि पधार रहे हैं।
वार्षिक गुरमत समागम के शुभारंभ अवसर मे मद्देनजर 2 अप्रैल का विशेष दीवान गुरुद्वारा बेटमा साहिब के गुरुद्वारा चरण पादुका के नवीन दरबार हॉल, जहाँ आदि गुरु गुरुनानक देवजी महाराज पधारे थे, में सजाया जाएगा। 2 अप्रैल शाम तथा 3 अप्रैल सुबह के दीवान ओंकारेश्वर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में होंगे। 4 अप्रैल सुबह के दीवान राजमोहल्ला, महेशनगर स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार के नवनिर्मित दरबार हॉल में सजाए जाएँगे।
दीवान उपरांत संगतों को गुरु का अटूट लंगर छकाया जाएगा। 4 अप्रैल रात 9 से 11 तक गुरुद्वारा इमली साहिब में विशाल कीर्तन दरबार होगा। इसमें देशभर से पधारे विद्वान रागी जत्थों द्वारा शास्त्रीय रागों पर आधारित समयानुकूल कीर्तन प्रस्तुति दी जाएगी। 5 अप्रैल सुबह का दीवान परंपरानुसार गुरुद्वारा गुरुनानक दर्शन, गुरुनानक कॉलोनी में सजेगा। दीवान की समाप्ति पर संगतों को गुरु का अटूट लंगर छकाया जाएगा।
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