- शशीन्द्र जलधारी
बावनगजाजी में रविवार को घटयात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ 15 दिवसीय पंचकल्याणक एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
भगवान आदिनाथ पंचकल्याणक महोत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे लोक निर्माण मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने घोषणा की कि बावनगजाजी में विश्व की सर्वोच्च 84 फीट ऊँची उत्तुंग प्रतिमा विराजित है। जिसे राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाकर इसे विश्व के मानचित्र पर लाने का प्रयास करेगी। इस समारोह में उद्योग मंत्री श्री जयंत मलैया तथा आदिम जाति कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती रंजना बघेल भी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थीं।
इससे पूर्व महोत्सव के सूत्रधार एवं मार्गदर्शक उपाध्याय श्री गुप्तिसागरजी महाराज की उपस्थिति में समाजसेवी श्री विमलचंद लुहाड़िया (इंदौर) ने ध्वजारोहण कर महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नरेश कुमार सेठी ने अध्यक्षीय उद्बोधन में सहयोग देने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि सरकार ने महोत्सव की व्यवस्थाओं पर लगभग 35 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। | | शताब्दी के इस पहले महामस्तकाभिषेक महोत्सव के साथ ही भगवान आदिनाथजी की यह पावन भूमि और विराट प्रतिमा विश्व के मानचित्र पर अंकित हो जाएगी। यहाँ साधु-संतों के एकत्रित होने से स्पष्ट है कि क्षेत्र में अब कुछ अच्छा होने वाला है। |
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नवग्रह जिनालय को बचाएँ बावनगजा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बाबूलाल पाटोदी ने उपस्थित तीनों मंत्रियों से आग्रह किया कि वे इंदौर में आचार्य श्री दर्शनसागरजी के सहयोग से निर्मित अनूठे तीर्थ नवग्रह जिनालय को बचाने की सार्थक पहल करें। सड़क चौड़ीकरण की योजना के कारण इस जिनालय के अस्तित्व पर संकट आ गया है।
कुछ अच्छा होने वाला है उपाध्याय श्री गुप्तिसागरजी ने अपने आशीर्वचन में विश्वास व्यक्त किया कि शताब्दी के इस पहले महामस्तकाभिषेक महोत्सव के साथ ही भगवान आदिनाथजी की यह पावन भूमि और विराट प्रतिमा विश्व के मानचित्र पर अंकित हो जाएगी। यहाँ साधु-संतों के एकत्रित होने से स्पष्ट है कि क्षेत्र में अब कुछ अच्छा होने वाला है। आचार्य श्री दर्शनसागरजी महाराज ने भी आशीर्वचन दिए।
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