गुरुदेव श्रीमद् राजेन्द्र सूरीश्वरजी का जन्म और स्वर्गारोहण दिवस गुरुसप्तमी पर्व शहर के मंदिरों में श्रद्घा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः प्रक्षाल, केसर पूजा तथा दोपहर में अष्ठप्रकारी पूजन तथा मंदिर में सजावट कर आंगीरचना की गई।
दादा गुरुदेव के 181वें जन्म और 101वें स्वर्गारोहण दिवस पर आयोजित गुणानुवाद सभा को संबोधित कर रहे ज्योतिष सम्राट श्री ऋषभचंद्रविजयजी महाराज ने कहा कि मोहनखेड़ा तीर्थ को शिक्षा के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधा का भी केन्द्र बनाने पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद जैन समाज का ध्यान शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम है, जबकि युवाओं को उच्च शिक्षा की आवश्यकता है। शिक्षा के बिना देश एवं समाज आगे नहीं बढ़ सकता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए श्री मोहनखेड़ा तीर्थ को शिक्षा का केंद्र बनाए जाने की आवश्यकता है। साथ ही तीर्थ पर आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाएँ मुहैया कराना हमारा प्रथम लक्ष्य है। महाराजश्री ने कहा कि तीर्थ पर शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में अनेक कार्य जारी हैं।
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