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।। प्रमुख जैन पर्व ।।
हिन्दी महीनों के अनुसार प्रमुख जैन पर्व इसप्रकार हैं-

कार्तिक

महावीर निर्वाणोत्सव कार्तिक कृष्ण 15 के प्रातः

अष्टाह्निका कार्तिक शुक्ल 8 से 15 तक

पौष

षोडशकारणव्रत पौष शुक्ल 15 से फागुन कृष्ण 1 तक

माघ

दशलक्षण (पर्यूषण) माघ शुक्ल 5 से 14 तक

पुष्पांजलि माघ शुक्ल 5 से 9 तक

रत्नत्रय माघ शुक्ल 13 से 15 तक

ऋषभ निर्वाणोत्सव माघ कृष्ण 14

फागुन

अष्टाह्निका फागुन शुक्ल 8 से 15 तक

चैत्र

षोडशकारण चैत्र कृष्ण 1 से वैशाख कृष्ण 1 तक

दशलक्षण चैत्र शुक्ल 5 से 14 तक

पुष्पांजलि चैत्र शुक्ल 5 से 9 तक

रत्नत्रय चैत्र शुक्ल 13 से 15 तक

महावीर जयन्ती चैत्र सुदी 13

वैशाख

अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल 3

ज्येष्ठ

श्रुतपंचमी ज्येष्ठ शुक्ल 5

आषाढ़

अष्टाह्निका व्रत आषाढ़ शुक्ल 8 से 15 तक

श्रावण

वीर-शासन जयंती श्रावण कृष्ण 1

रक्षाबंधन श्रावण शुक्ल 15

भाद्रपद

षोडशकरण भाद्रपद कृष्ण 1 से आसौज कृष्णा 1

दशलक्षण भाद्रपद शुक्ल 5 से 14 तक

पुष्पांजलि भाद्रपद शुक्ल 5 से 9 तक

रत्नत्रय भाद्रपद शुक्ल 13 से 15 तक

लब्धिविधान भाद्रपद शुक्ल 1

रोटतीज भाद्रपद शुक्ल 3

शील-सप्तमी भाद्रपद शुक्ल ७

सुगंधदशमी भाद्रपद शुक्ल 10

अनन्त व्रत भाद्रपद शुक्ल 11

अनन्तचौदस भाद्रपद शुक्ल 14

आश्विन

क्षमावाणी आसौज कृष्ण 1


और भी
24 तीर्थंकरों के नाम
॥ मंगलाष्टक स्तोत्र भाषा ॥
॥ भक्तामर-महिमा ॥
भक्तामर स्तोत्र (हिन्दी में)
भक्तामर-स्तोत्र
लक्ष्मी, संपत्ति व सुख प्राप्त करने हेतु