श्रावण मास विशेष | कुम्भ मेला | वर्ष के व्रत-त्योहार | हिन्दू धर्म | जैन धर्म | ईसाई धर्म | सिख धर्म | बौद्ध धर्म | इस्लाम धर्म | अन्य धर्म | आलेख | समाचार | धार्मिक स्थल | ध्यान व योग | संत-महापुरुष | प्रवचन | तंत्र-मंत्र | श्रीमद्‍भगवद्‍गीता | श्रीरामचरितमानस
मुख पृष्ठ » धर्म-संसार » धर्म-दर्शन (India Religion )
 
पिता-पुत्र के संबंधों को उजागर करते हमारे पुराण हमें कई तरह की शिक्षा प्रदान करते हैं। वे हमें अपने पिता की आज्ञा, वचन का पालन, पिता का मान-सम्मान बरकरार रखने...
 
 
 
 
एक बार दुर्योधन की प्रेरणा से सरल हृदय महाक्रोधी महर्षि दुर्वासा अपने दस हजार शिष्यों के साथ वन में महाराज युधिष्ठिर के पास पहुंचे। दुर्योधन ने सोचा कि इतने अधिक...
 
 
 
ऋषभनाथ प्रथम तीर्थंकर थे अत: उन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है। उन्हें जन्म से ही सम्पूर्ण शास्त्रों का ज्ञान था। वे समस्त कलाओं के ज्ञाता और सरस्वती के स्वामी थे। युवा होने पर कच्छ और महाकच्‍छ की दो बहनों यशस्वती (या नंदा) और सुनंदा से ऋषभनाथ का विवाह हुआ।
 
 
 
 
भगवान कण-कण में विराजमान हैं। यह बौद्धिकता है, किंतु परमात्मा को प्रकट करना हार्दिकता है। तन के लिए जीतना भोजन आवश्यक है, मन के लिए भजन उतना ही...
 
 
 
उत्तरप्रदेश की नगरी वाराणसी का प्राचीन नाम काशी है, जो गंगा नदी के किनारे बसी हई है। कुछ लोग इसे बनारस के नाम से भी पुकारते हैं। वाराणसी कई शताब्दियों से हिन्दू...
 
 
 
 
विष्णु के छठे 'आवेश अवतार' परशुराम का जन्म वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को रात्रि के प्रथम प्रहर में भृगु ऋषि के कुल में हुआ था। उनकी माता का नाम रेणुका और पिता...
 
 
 
गुरु गोविंद सिंह जी एक महान कर्मप्रणेता, अद्वितीय धर्मरक्षक, ओजस्वी वीर रस के कवि के साथ ही संघर्षशील वीर योद्धा भी थे। उनमें भक्ति और शक्ति, ज्ञान और वैराग्य,...
 
 
 
 
तथागत भगवान बुद्ध की 2557वीं त्रिगुण पावन, जन्म बुद्धत्व एवं महापरिनिर्वाण, बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन भोपाल में 24 एवं 25 मई को किया जाएगा।
 
 
 
हमारे अवचेतन मन में वह शक्ति होती है कि हम एक ही पल में इस ब्रह्मांड में कहीं भी मौजूद किसी भी तरंगों से संपर्क कर सकते हैं, सारा ब्रह्मांड तरंगों के माध्यम से...
 
 
 
 
ईसाई धर्म की कुछ मान्यताओं के अनुसार ईस्टर शब्द की उत्पत्ति ईस्त्र शब्द से हुई है। धर्म विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुराने समय में किश्चियन चर्च ईस्टर रविवार...
 
 
 
हजरत मोहम्मद अपनी बेटी फातिमा को बहुत प्यार करते थे। उसके बिना उनका दिन कटना भी मुश्किल होता था, क्योंकि वह भी अपने पिता को बहुत चाहती थी।
 
 
 
 
एक दिन सिद्धार्थ बगीचे में घूमने के लिए घर से निकले। कड़ा पहरा होने पर भी पता नहीं कैसे, कुछ लोग मुर्दे को उठाकर ले जाते दिखाई दिए। मुर्दा कपड़े में लिपटा और...