यदि हमारे परिवार में किसी दिवंगत व्यक्ति का श्राद्ध करना हो तो उस व्यक्ति के मृत्यु दिवस पर ब्राह्मण भोजन (यथाशक्ति) कराकर यथाशक्ति द्रव्य दक्षिणा दान में दे दें। यदि ब्राह्मण भोजन न करवा सकें तो एक थाली में आटा, चांवल, दाल, घी, नमक, गुड़ एवं द्रव्य दक्षिणा रखकर किसी मंदिर में दे दें अथवा किसी ब्राह्मण को दान में दे दें।
श्राद्ध फल इसके करने से हम पितृ ऋण से मुक्त हो जाते हैं। विधिवत श्राद्ध पूर्ण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और हमें आशीर्वाद देते हैं।
दिवंगत व्यक्ति की शांति अथवा स्मृति में दान यदि किसी दिवंगत आत्मा की शांति अथवा उसकी स्मृति में दान देने का विचार हो तो निम्न दान श्रेष्ठ कहे गए हैं इनमें से कोई एक या अनेक यथाशक्ति दान करें :-
स्वर्ण भूमि, गाय, वस्त्र, पंचरत्न, धान्य, औषधि, पुस्तक (धार्मिक या शैक्षणिक)
उक्त दान योग्य पात्र को ही दिए जाएँ। अयोग्य पात्र को दान देने से दोष लगता है।
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