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शिवशंकर भोलेनाथ के अनेक रूप WD
शिवशंकर भोलेनाथ के अनेक रूप

राजा भगीरथ ने जनकल्याण के लिए पतितपावन गंगाजी को पृथ्वी पर लाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तपस्या की। तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी ने राजा भगीरथ को यह वचन दिया कि सर्वकल्याणकारी गंगा पृथ्वी पर आएगी। मगर समस्या यह थी कि गंगाजी को पृथ्वी पर संभालेगा कौन? समस्या का समाधान करते हुए ब्रह्माजी ने कहा कि गंगाजी को धारण करने की शक्ति भगवान शंकर के अतिरिक्त किसी में भी नहीं है अतः तुम्हें भगवान रुद्र की तपस्या करना चाहिए। ऐसा कहकर ब्रह्माजी अंतर्धान हो गए। ब्रह्माजी के वचन सुनकर भगीरथ ने प्रभु भोलेनाथ की कठोर तपस्या की। इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने भगीरथ से...

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धर्मयात्रा
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भूतभावन-मनभावन महाकाल 
शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है महाकाल मंदिर। यह दुनिया का एकमात्र दक्षिणमुखी शिवलिंग है। तंत्र की दृष्टि से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार श्री महाकाल की स्तुति महाभारत कालीन वेदव्यास से लेकर कालिदास, बाणभट्ट और राजा भोज आदि ने की है। प्राचीन श्री महाकाल मंदिर का पुनर्निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था। इसके तकरीबन 140 साल बाद दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश ने उज्जैन पर आक्रमण कर...
चारूवा स्थित चमत्कारिक प्राचीन गुप्तेश्वर मंदिर
अमंगल का करते मंगल - मंगलनाथ 
शक्तिरूपिणी आट्टुकाल देवी का मंदिर 
सर्प शय्या पर विराजित शिवशंभु : नागचंद्रेश्वर मंदिर 
उज्जैन के चौरासी महादेव
ओम त्र्यंबकम यजामहे... 
भगवान शिव की फोटोगैलरी
विविध
अर्द्धनारी नटेश्वर
नवग्रह पूजन विधि
शिव निरंजनम्‌
शंकर का रुद्र रूप में अवतरण
दिव्य प्रसाद- मानसपूजा
महाशिवरात्रि की व्रत-कथा
शिवरात्रि की अन्य कथा
पंचदेव पूजन
पूजन सामग्री
शिव विवाह
षोडशमातृका पूजन
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