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श्री सत्यनारायण पूजन प्रारंभ
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ध्यान :
हाथ में अक्षत लेकर श्री सत्यनारायण भगवान का ध्यान करें-

ॐ सत्यव्रतं सत्यपरं त्रिसत्यं सत्यस्य योनिं निहितंच सत्ये ।
सत्यस्य सत्यामृत सत्यनेत्रं सत्यात्मकं त्वां शरणं प्रपन्नाः

ध्यायेत्सत्यं गुणातीतं गुणत्रय समन्वितम्‌ ।
लोकनाथं त्रिलोकेशं कौस्तुभरणं हरिम्‌ ॥

ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः, ध्यानार्थे पुष्पाणि समर्पयामि

(पुष्प अर्पित करें।)

आह्वान :
आगच्छ भगवन्‌! देव! स्थाने चात्र स्थिरो भव ।
यावत्‌ पूजां करिष्येऽहं तावत्‌ त्वं संनिधौ भव ॥

ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः, श्री सत्यनारायणाय आवाहयामि, आवाहनार्थे पुष्पाणि समर्पयामि ।

(आह्वान के लिए पुष्प अर्पित करें।)

आसन :
अनेक रत्नसंयुक्तं नानामणिगणान्वितम्‌ ।
भवितं हेममयं दिव्यम्‌ आसनं प्रति गृह्याताम ॥

ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः, आसनं समर्पयामि

(पुष्प अर्पित करें।)

पाद्य :
नारायण नमस्तेऽतुनरकार्णवतारक ।
पाद्यं गृहाण देवेश मम सौख्यं विवर्धय ॥

ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः, पादयोः पाद्यं समर्पयामि

(पाद्य अर्पित करें।)

अर्घ्य :
गन्धपुष्पाक्षतैर्युक्तमर्घ्यं सम्पादितं मया ।
गृहाण भगवन्‌ नारायण प्रसन्नो वरदो भव ॥

ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः, हस्तयोरर्घ्यं समर्पयामि ।

(अर्घ्यपात्र से चन्दन मिश्रित जल नारायण के हाथों में दें।)
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