क्रिसमस | श्राद्ध पर्व | श्रीमद्‍भगवतगीता | नानक जयंती | रमज़ान | नवरात्रि | विजयादशमी | गणेशोत्सव | अन्य त्योहार | गुड़ी पड़वा | करवा चौथ | महावीर जयंती | बुद्ध जयंती | जन्माष्टमी | श्रीरामचरितमानस | मकर संक्रां‍ति | दीपावली | सत्यनारायण व्रतकथा | होली | महाशिवरात्रि
मुख पृष्ठ » धर्म-संसार » व्रत-त्योहार » नानक जयंती » खरा सौदा (Gurunank Dev)
Feedback Print Bookmark and Share
 
WD

एक बार श्री गुरू नानक देव जी को उनके पिता कल्याणदास जी ने 20 रुपए दिए और कहा बेटा बाजार जाकर खरा सौदा लेकर आना। गुरुजी अपने पिता की आज्ञा मानते हुए 20 रुपए लेकर शहर चले गए। उस समय 20 रुपए की कीमत काफी होती थी। उनके साथ एक साथी भी था।

राह में गुरुजी को कुछ साधु मिले। उन्होंने गुरुजी से कहा कि हमारी मदद कीजिए हमने कई दिनों से कुछ नहीं खाया है। बहुत जोर से भूख लगी है। गुरुजी ने 20 रुपए का अनाज लाकर भोजन तैयार किया और उन साधुओं को खाना खिलाया।

जब गुरुजी घर पहुँचे तो उनके पिता ने कहा कि सौदा लेकर आए हो? तब गुरूजी ने उनको सारी बात बताई। ये सुन कर उनके पिता बहुत नाराज हुए और इस बात के लिए उन्होंने गुरुजी को मारा भी, पर गुरुजी शांत रहे और उन्होंने सिर्फ यही कहा कि भूखे लोगों की सेवा करना, अपने धन को मदद के लिए खर्च करना ही खरा सौदा है।

इस प्रकार गुरुजी ने ये सीख दी कि हमें हमेशा मदद करनी चाहिए भले ही इस अच्छे काम के लिए हमें कष्ट भी सहन करना पड़े पर नेक काम नहीं छोड़ना चाहिए।
संबंधित जानकारी खोजें