श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे धर्मराज! मैं आपसे एक कथा कहता हूँ, जिसे महर्षि वशिष्ठ ने श्री रामचंद्रजी से कही थी। एक समय श्रीराम बोले कि हे गुरुदेव! कोई ऐसा व्रत बताइए, जिससे समस्त पाप और दु:ख का नाश हो जाए। मैंने सीताजी के वियोग में बहुत...
एक सुबह जब मैं सैर करने निकला तो मार्ग में मुझे एक साधु मिला। 'जान ना पहचान, बड़ी बी सलाम' की तर्ज पर मैंने सीधे-सीधे पूछा- 'महाराज आपको यह पता है कि आपको आज भोजन मिलेगा...