बेशुमार रंगों से सराबोर कर देने वाली होली की मौज मस्ती को पर्दे पर उतारने में हिन्दी फिल्में कभी पीछे नहीं रहीं। कभी रंग बरसे भीगे चुनर वाली तो कभी होली आई रे कन्हाई जैसे तमाम फिल्मों गीतों के माध्यम से पर्दे पर अबीर गुलाल उड़ाने का सिलसिला चलता रहा। हिंदी फिल्मों के रंगीन होने के साथ ही रंगों के त्योहार होली को जगह मिलने लगी और रूपहले परदे पर गुलाल उड़ने लगे। इससे दर्शकों को दर्जनों होली गीत मिले जिनमें रंग बरसे भीगे चुनरवाली होली खेले रघुवीरा अवध में होली के दिन दिल खिल जाते हैं जैसे कुछ गीतों को विशेष लोकप्रियता हासिल हुई। रंगीन फिल्मों का दौर शुरू होते ही परदे पर नीले पीले लाल गुलाबी खूबसूरत रंग बिखरने लगे और कई फिल्मों में होली के दृश्य कहानी का जरूरी हिस्सा बन गए या कहानी ही उसी के इर्द गिर्द केंद्रित रही। 'आन' फिल्म के आज कोई राजा है न कोई रानी 'मदर इंडिया' के होली आई रे कन्हाई नवरंग के अरे जा रे नटखट तथा आया होली का त्योहार जैसे गीतों से हुई शुरूआत आज भी जारी है और समय समय पर दर्शकों को गुदगुदाने के लिए ऐसे गीत सामने आते रहे हैं। कई फिल्मकारों ने बेहद खूबसूरती से अपनी फिल्मों में होली के गीतों को शामिल कर उनका बेहतरीन फिल्मांकन किया। इनमें यश चोपड़ा का नाम सबसे आगे है। उनकी सिलसिला, मशाल, डर, मोहब्बतें आदि फिल्मों में होली के गीत पूरी भव्यता के साथ शामिल किए जाते रहे हैं। सिलसिला के गीत रंग बरसे भीगे चुनर वाली को तो ऐसी कामयाबी मिली कि कोई भी होली कार्यक्रम उसके बिना पूरा नहीं होता। इस फिल्म में होली के मौके पर भांग के नशे में चूर पूर्व प्रेमी खूब मस्ती करते नजर आते हैं। इन किरदारों को अमिताभ बच्चन तथा रेखा ने अमर कर दिया। फिल्म में अमिताभ की पत्नी की भूमिका में जया बच्चन तथा रेखा के पति की भूमिका में संजीव कुमार लाचार होकर उन दोनों की मस्ती देखने को मजबूर नजर आते हैं। अमिताभ एक बार फिर बागवान में भी होली खेले रघुवीरा अवध में गीत पर थिरकते नजर आए। उनकी पत्नी की भूमिका में हेमामालिनी बच्चे और मित्र भी खूब मस्ती करते दिखाई दिए। |