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आओ खेलें बिन पानी के होली...
होली खेलें गुलाल से...
- राजश्रकासलीवा

Photo By: Sanjay Patel
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आज जल (पानी) आम समस्या बन गई है। चारों ओर पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। आम आदमी को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। हम रोजाना इसी समस्या से रूबरू होते हैं। रोज पानी को लेकर सुबह से ही आम आदमी की भागदौड़ शुरू हो जाती है। पानी को लेकर झगड़े, यहाँ तक कि चाकू-तलवार तक चल जाते हैं। यह बहुत ही भयावह और सच्चाईवाली स्थिति है, जिससे हर आम आदमी को दो-चार होना ही पड़ता है।

अब होली का त्योहार आ गया है। होली यानी रंगों का त्योहार। लोगों को होली खेलने में, एक-दूसरे को रंग पोतने में बहुत आनंद आता है। आदमी होली खेलने में इतना मशगूल हो जाता है कि उसे कुछ भान ही नहीं रहता कि उसके शरीर पर लगाए गए रंगों को निकालने के लिए उसे कितना समय लगेगा, कितना पानी खर्च करना पड़ेगा।

दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें होली का त्योहार बहुत अच्छा लगता है। उन्हें होली खेलना, एक-दूसरे को रगड़-रगड़ कर रंग लगाना, रंगों से पट जाना, घर-बार को रंगों से भर देना बहुत भाता है। लेकिन समस्या होली खेलने की नहीं, समस्या तो पानी की है।
  आज जल (पानी) आम समस्या बन गई है। चारों ओर पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। आम आदमी को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। हम रोजाना इसी समस्या से रूबरू होते हैं।      
अगर आपके यहाँ पर्याप्त पीने को, रोजमर्रा की सारी जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी नहीं है तो ऐसे में रंगों से रंगी इसी होली को खेलने के बाद उसे छुड़ाने के लिए कितने पानी को बर्बाद करना पड़ेगा। यह सोचना बहुत जरूरी है।


Photo By: Sanjay Patel
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आज महँगाई के युग में घर में रोजमर्रा की आवश्यक चीजों पर महँगाई की भरपूर मार पड़ रही है। रंग सस्ते आते हैं, ऐसी बात नहीं है। पानी भी सस्ता मिलता है, यह भी बात नहीं है। जो बात है वह यह कि होली तो खेल लेंगे लेकिन उसे छुड़ाने के लिए जो पानी लगेगा वह कहाँ से आएगा।

अगर आपको इन सवालों के जवाब नहीं सूझ रहे हों तो उसका एक बढि़या सा आइडिया है मेरे पास- होली खेलो, जरूर खेलो, प्यार से खेलो, रंगों से खेलो लेकिन सिर्फ उन रंगों से जिसमें आपको पानी खर्च ना करना पड़े यानी कि सूखे रंगों की वह होली खेलो जिसमें आपके कपड़ों, आपके तन-बदन पर लगे रंगों को साफ करने में जरा सी भी मशक्कत न करनी पड़े ऐसी होली जो हाथ से झटकाई... और रंग गायब।

तो खेलो होल‍ी‍, पानी भी बचाओ और होली का मजा भी लूट लो। ऐसी लाल गुलाल की होली खेलो और मदमस्त हो जाओ...!
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