मुंबई के विभिन्न पंडालों और घरों में स्थापित गणेशजी को गुरुवार को मुंबईकरों ने बड़े उत्साह के साथ विदा किया। गणेशजी को विदा करने के लिए बारिश की रिमझिम फुहारें भी आ रही थीं, जिससे विसर्जन का मजा और बढ़ गया था।
मुंबई के कुल 4018 सार्वजनिक और 3993 छोटी गणेश मूर्तियों का विसर्जन देर रात तक जुहू चौपाटी, शिवाजी पार्क, गिरगाँव चौपाटी, भोइंदर खाड़ी आदि में चल रहा था। लालबाग चा राजा का विसर्जन शुक्रवार को तड़के गिरगाँव चौपाटी पर किया गया। विसर्जन के लिए पुलिस ने सुरक्षा का भी कड़ा बंदोबस्त किया था जिससे कोई अनहोनी नहीं हुई।
राज्य सरकार ने अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य में अवकाश घोषित किया था जिसके चलते दोपहर एक बजे से ही गणेशजी के विसर्जन की तैयारियाँ पंडालों में नजर आ रही थीं। राज्य में होने वाले चुनावों को देखते हुए राजनीतिक पार्टियों ने इसका फायदा इस बार कुछ ज्यादा ही उठाया। कदम-कदम पर राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने गणेश मंडलों का स्वागत करने के लिए मंच बनाए थे। लालबाग का राजा हमेशा की तरह शाम पाँच बजे पंडाल से विसर्जन के लिए निकाला गया।
स्वाइन फ्लू का डर कहीं भी नजर नहीं आया। ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर गणेशजी को विदाई देने आए युवा वर्ग में लड़कियों की संख्या भी इस बार ज्यादा थी। इस बार विसर्जन के लिए पुणे, सांगली, कोल्हापुर, सतारा से ढ़ोल-नगाड़े बजाने वाले विशेष रूप से बुलाए गए थे। ढ़ोल-नगाड़े बजाने वालों में भी लड़कियों की संख्या उल्लेखनीय थी।